मीडियाकर्मी अधिक हैं, पत्रकार कम : शक्तावत

BY — September 2, 2012

udaipur. अगर आज के जमाने में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आना है तो एक पत्रकार को उससे पहले 10 बार सोचना चाहिए। क्योंकि अब अगर जो भी आएगा, आज के जमाने के हिसाब से मीडियाकर्मी होना पड़ेगा, पत्रकार कम। यह मानना है कन्या भ्रूण हत्या के स्टिंग ऑपरेशन के कारण आमिर खान के टीवी शो सत्यमेव जयते में पहुंचे जयपुर के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार श्रीपाल शक्तावत का।

शक्‍तावत अब तक 140 से अधिक स्टिंग ऑपरेशन कर चुके हैं। यहां नंद गंगा मानव सेवा समिति के द्वितीय नंद गंगा मेरिट अवार्ड 2012 समारोह में आए सरल स्‍वभाव के शक्तावत ने सहज रूप से उदयपुर न्यू्ज से एक विशेष भेंट में कहा कि एक पत्रकार के रूप में मैं आज बहुत संतुष्ट हूं। जो स्टिंग ऑपरेशन मैंने किया, वह अपने अंजाम की ओर अग्रसर है। पीसीपीएनडीटी एक्ट भले ही 1994 में बन गया लेकिन मेरे स्टिंग ऑपरेशन तक इक्का दुक्का मामले ही दर्ज हुए। उसके बाद आज करीब 400 से अधिक मामले इसमें दर्ज हो चुके हैं। सिर्फ मामलों की बढ़ती गिनती देखकर नहीं लेकिन इसके प्रति आई जागरूकता को लेकर मैं काफी प्रसन्न हूं।
यह बात बहुत कम लोगों को मालूम है कि आज भी ऐसे कई मामलों में न्यायालय में मुझे बतौर गवाह जाना पड़ता है। एक एक मामले में अमूमन 6-7 बार मुझे जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पहले आम जनता भी गंभीर मुद्दों की ओर ध्यान कम देती थी और मनोरंजन के कार्यक्रम की टीआरपी हमेशा अधिक रहती थी। जब मैंने स्टिंग ऑपरेशन किया और पहला एपिसोड प्रसारित हुआ तो टीआरपी कुछ खास नहीं थी। फिर इसका दूसरा एपिसोड प्रसारित करवाने में मुझे परेशानी भी हुई लेकिन अंततोगत्वा आज मेरे द्वारा किया गया काम कहीं न कहीं लोगों को दिख रहा है। उन्होंने अपने साथी पं. मुकेश भारद्वाज के बारे में बताया कि मैंने इनसे काफी प्रेरणा ली है। वे काफी सकारात्मक व्यक्ति हैं। जीवन में सकारात्मकता से जीया जाए तो बहुत कुछ है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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