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प्लास्टिक जैसे कम्पोस्टेबल मटेरियल की मांग बढ़ी

| November 7, 2017 | 0 Comments

जनता के लिए बना आकर्षण

उदयपुर। सीटीआई कॉलेज में आज प्रारम्भ हुए ग्राम मेले में आज एक स्टॉल पर कृषकों सहित आम जनता की काफी भीड़ दिखाई क्योंकि वहां प्लासिटक थैली जैसा दिखने का एक सौ प्रतिशत कम्पोस्टेबल मटेरियल आमजन को आकर्षित कर रहा था।

ईजी फ्लक्स पोलीमर प्राईवेट लिमिटेड के डायरेक्टर आदित्य बोहरा ने बताया की बाजार में प्रचलन में प्लास्टिक की थैलियों से हो रहे पर्यावरण के नुकसान को देखते हुए उसके प्रत्युत्तर में कम्पनी ने उपरोक्त मटेरियल बाजार में उतारा है। यह उत्पाद कम्पोस्टेबल होने के कारण 6 माह बाद अपने आप खाद में परिवर्तित हो जाता है। जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होता है।
उन्होंने बताया कि कोर्न स्टार्च से बनाए गये 100 प्रतिशत कम्पोस्टेबल मेटेरियल से मल्च फिल्म नर्सरी बेग, केरी बैग बनाए जाएगें। ये बेग पूर्ण रूप से इको फ्रेन्डली है। इसका वेस्ट 6 माह मंे खाद मे बदल जायेगा। यह मटेरियल जर्मनी के बासफ द्वारा उपलव्ध कराया जा रहा है जिसकी मदद से इसका उत्पादन जनवरी 2018 तक शुरू हो जाएगा। ग्राम मेले में इस उत्पाद का आमजन को लाइव डेमो दिखाया जा रहा है। लाइव डेमो में यह बताया कि गया कि ईजी फ्ल्कस के बेग को जब लिक्विड मंे डाला गया तो वह पूर्ण पूर्ण रूप से लिक्विड में परिवर्तित हो गया जबकि प्लास्टिक बैग पर उसका कोई असर नही हुआ।
आदित्य ने बताया कि इसके लिये आईएसओ 17088 के अनुसार बनाये जा सभी बेग पर आईएसओ 17088 छपेगा। इन बेग्स का उत्पादन सीपीसीबी के गाईड लाईन्स एवं नियमों के अनुसार ही होगा।
वर्तमान में राज्य में प्लास्टिक के बेग्स के उपयोग पर प्रतिबंध है अन्य पैकिंग जैसे जूट व कपडे के थेलो से काफी सस्ता है। वर्तमान में 300 रूपयें प्रति किलो इस उत्पाद की कीमत को आरएण्डडी करके कम करने का प्रयास किया जा रहा है। 2 किलोग्राम वजन उठानें वाले इस एक बेग की कीमत लगभग 25 से 30 पैसे होगी।

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Category: News

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