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मेट्रोमैन श्रीधरन को हकीम खां सूर, सुहासिनी को हल्दीघाटी पुरस्कार

| February 19, 2018 | 0 Comments

महाराणा मेवाड़ फाउण्डेशन सम्मान समारोह 11 मार्च को
ड्राईवर सलीम एवं हर्ष को पन्नाधाय, गफ्फार कुरैशी को महाराणा उदयसिंह सम्मान

उदयपुर। महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन के इस वर्ष अलंकरण समारोह में पत्रकारिता के क्षेत्र में द हिन्दु की राजनयिक संपादक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाली श्रीमती सुहासिनी हैदर को हल्दीघाटी तथा मेट्रो मेन के नाम से प्रख्यात सिविल इंजीनियर डॉ. ई श्रीधरन को हकीम खाँ सूर अलंकरण सम्मान प्रदान किया जाएगा।

संयोजक मयंक गुप्ताँ ने बताया कि सुहासिनी हैदर ने अपने 20 वर्ष के पत्रकारिता जीवन में पाकिस्तान, श्रीलंका, लीबिया, लेबनान, सीरिया आदि देशों के साथ ही अन्य कई अन्तरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतीपूर्ण समाचारों को कवर कर प्रस्तुत किया है। वहीं श्रीधरन के नेतृत्व में कोंकण रेलवे एवं दिल्ली मेट्रो का निर्माण कर भारत में जन यातायात को नई परिभाषा प्रदान की है। आपकी कार्य योजनाओं से भारत की विभिन्न लोक संस्कृतियाँ आपस में एकसूत्र में सहज ही पिरो गई। आपकी इन्हीं उपलब्धियों पर टाइम पत्रिका द्वारा आपको वन ऑफ एशियाज हिरोज में स्थान प्रदान किया।
अमेरिका की कोलम्बिया यूनिवरसिटी के प्रोफेसर जॉन स्ट्रेटन हावले को अन्तरराष्ट्रीय कर्नल जेम्स टॉड सम्मान प्रदान किया जाएगा। प्रो. हावले ने महाराणा अमर सिंह द्वितीय के समय सूरदास पर बनी मेवाड़ी चित्रशैली की पेन्टिंग्स का गहन अध्ययन कर उसे अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पुस्तक रूप में प्रस्तुत किया है। से सम्मानित किया जाएगा।
पर्यावरण के क्षेत्र में दिया जाने वाला महाराणा उदयसिंह सम्मान इस वर्ष गुजरात के हर्बल मेन गफ्फारभाई कुरैशी को प्रदान किया जाएगा। कुरैशी ने 19 राज्यों में 45 से अधिक शोध यात्राएं कर 6 करोड़ पेड़-पौधों का अध्ययन किया तथा 5200 प्रकार के पेड़ पौधों को अपनी नर्सरी में विकसित किया है। आप समय-समय पर जैविक खेती की विशेषताओं के बारे में किसानों, कृषि विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को भी लाभान्वित करते हैं।
अपने निर्धारित कत्र्तव्य से ऊपर उठकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए 50 से अधिक यात्रियों की जीवन रक्षा करने वाले वलसाड गुजरात के बस ड्राइवर सलीम गफूर शेख एवं हर्ष देसाई को पन्नाधाय सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। आपने अमरनाथ यात्रा के दौरान हुए आतंकवादी हमले में अपनी सूझ-बूझ से न केवल बस यात्रियों की जान बचाई बल्कि गम्भीर घायलों को समय पर ईलाज दिलवा उनके प्राणों की रक्षा की।

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