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आत्मा से परमात्मा में रमण ही पंचकल्याणक: सुप्रकाशमती माताजी

| April 16, 2018 | 0 Comments

कानपुर में पंचकल्याणक कल से, कानपुर में हुआ भव्य प्रवेश

उदयपुर। राष्ट्रसंत और गणिनी आर्यिका सुप्रकाशमती माताजी और मुनि आज्ञा सागर महाराज का सोमवार सुबह 7.30 बजे धार्मिक क्षेत्र एवं औद्योगिक नगरी कानपुर में पदार्पण हुआ। पदार्पण के समय माहौल समवशरण से हो गया था।

कानपुर गांव के शान्तिलाल जैन ने बताया कि दोनों ससंघ के सान्निध्य में 18 से 22 अप्रेल तक यहां भगवान आदिनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव होगा। पंडित पुष्पेंद्र शास्त्री अपनी विधि विधान से कंकर को शंकर बनाएंगे। गुरु माँ ससंघ का निर्देशन इस कार्यक्रम को संस्कार का प्रतिबिंब बनाएंगे वहीं मुनि आज्ञासागर ससंघ सूरी मंत्र देकर भगवत्ता प्रदान करेंगे। प्रसिद्ध गीतकार-संगीतकार रामकुमार एन्ड पटरी अपने भक्ति गीतों से प्रस्तुति देंगे।
कानपुर मे आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए सुप्रकाशमती माताजी ने पंचकल्याणक क्यों पर कहा कि जैन धर्म वैज्ञानिक है और सिद्धांत का अनुसरण करता है। भगवान बनने की प्रक्रिया इन पांच दिनों में कानपुर में आप देखेंगे। आत्मा से परमात्मा में रमण करना ही पंचकल्याणक है।
इस अवसर पर मुनि आज्ञा सागर महाराज ने कहा कि अगर आपको भगवान बनना है तो आप भगवान के बताए रास्ते पर चलें।
जेन ने बताया कि पहले दिन 18 अप्रेल को गर्भकल्याणक, 19 को जन्म कल्याणक, 20 को तप कल्याणक, 21 को केवल ज्ञान कल्याणक और 22 को मोक्ष कल्याणक होगा। यह पूरी विधि सामान्य इंसान से भगवान बनने की कला है। बस अगर आप इंसान से भगवान बनने की क्रिया में अपने आप को रमा देते हैं तो इसे मनाना सार्थक है।
इसमें शहर सहित आसपास के जगत, गीनगल, कानपुर, उथरदा, गिंगला, हिरणमगरी सहित आसपास के जैन धर्मावलंबी हिस्सा लेंगे।

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Category: News

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