भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला….

BY — August 21, 2012

प्रभु राम के जन्म की खुशियाँ मनाई
मुरारी बापू इन नाथद्वारा कार्यक्रम

नाथद्वारा। रामकथा सुनने से लोगों को स्वयं अपनी भावनओं और विचारों का भगवान से जवाब मिल जाता है। में तो उनके बीच सिर्फ एक माध्यम की तरह कार्य करता हूँ । उक्त विचार मुरारी बापू ने व्यक्त किए।

मौका था मिराज ग्रुप की ओर से आयोजित मुरारी बापू इन नाथद्वारा कार्यक्रम के तहत चल रही रामकथा के चौथे दिन का। बापू ने कहा कि वे कोई अवतार नहीं हैं। वह भी एक साधारण पुरुष है।
व्यासपीठ से मुरारी बापू ने जनसैलाब को संबोधित करते हुए कहा कि महाराज ! लालो जन्म्यो है। आपकी जय हो बधाई हो, आपकी जय हो दशरथ अपने कान में यह सुनते ही पुलकित हो उठते है। चारों ओर ढोल नगाड़े बज उठते है। शंखनाद व घण्टानाद होने लगते है, बधाईयों के स्वर गुंजने लगते है। दशरथ का रोम-रोम आनंदमय हो उठता है। प्रभु जन्म की सुचना मिलते ही सारी सृष्टि ,पांचों तत्व प्रफुल्लित व पल्लवित हो उठते है। पशु, पक्षी, वनस्पति  सब ओर आनंद छा जाता है। लालबाग स्टेडियम में उपस्थित 70 हजार के करीब श्रोता बधाई हो बधाई हो आपकी जय हो, श्रीराम की जय हो की गुंज से आकाश गुंजायमान कर देते है। कथा की शुरूआत शंखनाद व हनुमान चालिसा के बाद रामधुन के साथ हुई। सीएमडी मदन पालीवाल, मंत्रराज पालीवाल व परिजनों ने व्यासपीठ पर पुष्प अर्पित किए। बापू ने कहा कि वहां दशरथ लाला के जन्म पर पुल्लकीत हो रहे थे। पांडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं ने ‘ भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला, कौशल्या हित कारी हर्षित महतारी मुनि मन हारी, अद्भुत रूप बिचारी ’ मानस के छंद से सारा पांडाल गुंजायमान कर दिया।  बापू ने कथा के दौरान राम जन्म के पूर्व तथा प्रभु के जन्म के विभिन्न लक्षण, कारण बताए। बापू ने मानस के माध्यम से कहा कि ‘ विप्र धेनू सुर संत हित लीन मनुज अवतार, नीज इच्छा निर्मित तनु माया गुण गोपार ’ प्रभु ब्राह्यम्ण, गाय, देवताओं के रक्षार्थ अवतरित हुए।
सराहना:- बापू ने सोमवार रात कविता सेठ के कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि कविता सेठ ने सुफियाना अंदाज में काफी अच्छी प्रस्तुति दी। उन्होंने अमीर खुसरों की रचना को बढे ही अच्छे अंदाज में पेश किया।
सितारों का आगमन:- कथा के दौरान मंच पर स्वप्न सुंदरी हेमा मालिनी तथा गायक कैलाश खेर ने पहुंच कर बापू का आशीर्वाद लिया। कलाकारों ने व्यासपीठ पर पुष्प अर्पित किए। स्वप्न सुंदरी ने कहा कि बापू की मधुर वाणी से कथा सुनने के लिए देश भर से भक्त उमडते है हम भी तरसते है । मेरा तो मानना ही नहीं विश्वास है कि स्वयं रामजी भी बापू के मुख से कथा सुनने हर जगह उपस्थित रहते होंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी श्रीसंत के समक्ष उन्हें प्रस्तुति देने का लाभ प्राप्त हुआ है। आगे भी वे जो कुछ जानती है उसे पेश करना चाहेंगी। कैलाश खेर ने कहा कि बापू ने हमारी अखण्ड हाजरी लगवा दी। ये परमात्मा के दूत है। आप श्री के मुख से कथा का रसास्वादन कर रहे है यहीं दिव्य अमृत है। इन पलों को जी भर के जियो।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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