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लोकतंत्र सशक्त करने के लिए शिक्षा ही विकल्प

BY — March 6, 2014

अंतरशिक्षक महाविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता

060301उदयपुर। लोकतंत्रात्मक प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा ही एकमात्र विकल्प है। यह तथ्य लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, डबोक में आयोजित 43वीं श्री लालबहादुर शास्त्री राजस्थान अन्तः शिक्षक महाविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता में उभर कर आया।

राज्यस्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि सुविवि में शिक्षक शिक्षा के अधिष्ठााता प्रो. कैलाश सोड़ानी ने कहा कि शिक्षा सेवा कार्य से ही शोभित होती है। आज के युग में मेहनत की महती आवश्याकता है। हमें सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग करते हुए सही मायने में लोकतंत्रात्मक राष्ट्र का निर्माण करना है।
060302महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आर. पी. सनाढ़य ने मंचस्थ अतिथियों एवं निर्णायकों का स्वा गत कर प्रतियोगिता पर प्रकाश डाला। निर्णायक इण्डो अमेरिकन स्कूल के निदेशक के. एन. विजयन, बी. एन. गर्ल्स कॉलेज सलूम्बर के प्राचार्य डॉ. प्रेमसिंह रावलोत, श्रीमन्नारायण उमावि डबोक के व्यागख्याकता रामलाल सालवी थे। वाद-विवाद में डॉ. शशि चित्तौड़ा, डॉ. सरोज गर्ग के साथ समस्त संकाय सदस्य तथा सभी विभागों के छात्राध्यापक उपस्थित थे। संचालन रेणु हिंगड़ ने किया। आभार वृन्दा शर्मा ने जताया। वाद-विवाद प्रतियोगिता के संस्थागत परिणाम में चल वैजयंती (शील्डश) विद्या भवन, प्रेम शांति निकेतन द्वितीय तथा लोकमान्य् तिलक शिक्षक कॉलेज तृतीय स्थाभन पर रहे। इसी प्रकार व्यक्तिगत परिणाम में हिमाद्री शर्मा प्रथम, ममता पालीवाल द्वितीय तथा योगेन्द्र सिंह चौहान तृतीय रहे।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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