पीएमसीएच में ह्दय के माइट्रल वाल्व का सफल रिप्लेसमेंट

BY — December 16, 2019

उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल कालेज एवं हास्पीटल के पेसिफिक सेन्टर आफ कार्डियक साइन्सेस में ह्नदय के माइट्रल वाल्व का सफल रिप्लेसमेंट किया गया। चित्तोडगढ के डिण्डोली निवासी खेती का कार्य करने वाले 45 बर्षीय बद्रीलाल को पिछले पन्द्रह साल से श्वास फूलने की शिकायत थी, जिसके कारण काम करने में परेशानी का सामना करना पड रहा था।

यह परेशानी पिछलें एक महिने में ज्यादा हो गई जिसके चलते बद्रीलाल को पीएमसीएच में ह्नदयरोग सर्जन डाॅ. षिरीश एम. ढोबले को दिखाया। जाॅच करने पर पता चला कि ह्नदय का माइट्रल वाल्व सिकुड गया था जिसका की रिप्लेसमेन्ट द्वारा ही इलाज सम्भव था।
बद्रीलाल को ह्नदयरोग सर्जन डाॅ.षिरीश एम. ढोबले की युनिट में भर्ती कर आॅपरेशन पूर्व की सभी जाॅचें करने के बाद मरीज को आॅपरेशन थियेटर में ले जाया गया। दो घण्टे तक चले इस सफल आॅपरेशन को अंजाम दिया ह्नदयरोग सर्जन डाॅ. षिरीश एम. ढोबले, कार्डियक एनिस्थिटिक डाॅ. समीर गोयल एवं उनकी टीम ने। ह्नदयरोग सर्जन डाॅ. षिरीश एम. ढोबले ने बताया कि बद्रीलाल के बाएं वेंट्रिकल में 700 ग्राम क्लाॅट निकालकर माइट्रल वाल्व सफलता पूर्वक रिप्लेसमेन्ट किया गया।
डाॅ. ढोबले ने बताया कि सामान्यतः बाएं वेंट्रिकल की साइज 4 सेमी.होती है लेकिन बद्रीलाल के यह बढ कर 10 सेमी.हो गई। मरीज के बाएं वेंट्रिकल में रक्त घूम कर आगे की ओर फ्लो नहीं कर पा रहा था ऐसी स्थिति में ब्लड के थक्के बन जाते है,अगर थक्के का कोई टूकडा टूटकर ब्रेन में जाने वाली रक्त बाहिनी में अटक जाए तो मरीज को स्ट्रोक की सम्भावना बड जाती है।
डाॅ. षिरीश एम.ढोबले ने बताया कि बाएं वेंट्रिकल दिल के चार कक्षों में से एक है। यह हृदय के निचले बाएं हिस्से में बाएं एट्रियम के नीचे स्थित होता है, जिसे माइट्रल वाल्व द्वारा अलग किया जाता है। जैसे ही हृदय सिकुड़ता है, रक्त अंततः बाएं आलिंद में वापस आ जाता है, और फिर माइट्रल वाल्व के माध्यम से, जिसके बाद यह बाएं वेंट्रिकल में प्रवेश करता है। वहां से, रक्त महाधमनी वाल्व के माध्यम से महाधमनी चाप में और शरीर के बाकी हिस्सों में आगे पंप किया जाता है। बाएं वेंट्रिकल दिल के कक्षों में सबसे मोटा है और पूरे शरीर में ऊतकों को ऑक्सीजन युक्त रक्त पंप करने के लिए जिम्मेदार है। मरीज के इस आॅपरेशन में सरकार की भामाशाह योजना के साथ साथ मेंनेजमेन्ट का काफी सहयोग रहा। बद्रीलाल अभी पूरी तरह से स्वस्थ्य है। बद्रीलाल ने पेसिफिक सेन्टर आफ कार्डियक साइन्सेस में उच्च प्रषिक्षित स्टाॅफ, हाईटेक आॅपरेषन थियेटर एवं किफायती दरों के चलते चेयरमेन राहुल अग्रवाल एवं बेहतरीन देखभाल के लिए सभी स्टाफ की प्रषंसा की।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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