स्वस्थ भविष्य के निर्माण में फार्मासिस्ट की भूमिका पर जोर, ‘Empowering Pharmacists for Healthier Futures’ थीम पर पैसिफिक कॉलेज ऑफ फार्मेसी में एंटी-रैगिंग एवं फार्माकोविजिलेंस सप्ताह
उदयपुर। पैसिफिक कॉलेज ऑफ फार्मेसी में 24 एवं 25 सितंबर 2026 को फार्मासिस्ट डे के साथ एंटी-रैगिंग वीक एवं फार्माकोविजिलेंस वीक का आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की मुख्य थीम “Empowering Pharmacists for Healthier Futures” रही। कार्यक्रम में 250 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न शैक्षणिक, जागरूकता एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से फार्मेसी प्रोफेशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. डॉ. हेमंत कोठारी एवं डीन, फैकल्टी ऑफ फार्मेसी डॉ. पीके चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
विश्वविद्यालय के चेयरमैन राहुल अग्रवाल एवं रजिस्ट्रार शरद कोठारी ने फार्मासिस्ट डे पर विभाग एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं तथा इस प्रकार के शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कुलपति प्रो. डॉ. हेमंत कोठारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए फार्मेसी शिक्षा एवं प्रोफेशन के बदलते स्वरूप पर अपने दूरदर्शी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण फार्मेसी शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान एवं व्यावसायिक नैतिकता के माध्यम से विद्यार्थी समाज एवं राष्ट्र के स्वस्थ भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
ग्रुप डायरेक्टर प्रो. डॉ. बीपी शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए समुदाय के स्वास्थ्य संरक्षण में फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्ट की भूमिका केवल दवाओं के वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि दवा सुरक्षा, रोगी परामर्श, तर्कसंगत औषधि उपयोग एवं जन-जागरूकता में भी फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।दो दिवसीय आयोजन के दौरान विद्यार्थियों के लिए एंटी-रैगिंग जागरूकता, फार्माकोविजिलेंस, दवा सुरक्षा, फार्मासिस्ट की सामाजिक जिम्मेदारी तथा स्वास्थ्य जागरूकता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करते हुए समाज में सुरक्षित एवं जिम्मेदार औषधि उपयोग का संदेश दिया।इस अवसर पर पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के प्रिंसिपल डॉ. अंकित पालीवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए Antimicrobial Resistance (AMR) की बढ़ती चुनौती पर विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को एंटीमाइक्रोबियल दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग, अनावश्यक एंटीबायोटिक सेवन से बचाव तथा एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की रोकथाम में भविष्य के फार्मासिस्ट की भूमिका के बारे में जागरूक किया।डॉ. पालीवाल ने कहा कि आने वाले समय में फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवाओं की अग्रिम पंक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसलिए विद्यार्थियों को अभी से अपने ज्ञान, कौशल एवं व्यावसायिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना चाहिए।कार्यक्रम का समन्वय डॉ. माया, डॉ. रानू एवं डॉ. गुंजन एवं अनुक्रमण सिंह द्वारा किया गया। आयोजन में पैसिफिक कॉलेज ऑफ फार्मेसी के सभी फैकल्टी सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों में जिम्मेदार फार्मासिस्ट बनने, एंटी-रैगिंग के प्रति शून्य-सहिष्णुता की भावना विकसित करने तथा दवाओं की सुरक्षा एवं तर्कसंगत उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के संदेश के साथ हुआ। 250 से अधिक विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने इस दो दिवसीय आयोजन को सफल एवं प्रभावी बनाया।