
उदयपुर. केन्द्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय ने उदयपुर की आयड़ नदी में लगे ग्रीन ब्रिज प्रोजेक्ट को नेशनल अरबन वाटर अवार्ड के लिए देश के २८ महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में शामिल किया है. इससे पूर्व योजना आयोग ने भी आयड़ नदी में दूषित जल उपचार के लगे मॉडल को पूरे देश के लिए उदाहरण माना था. उल्लेखनीय है कि यह मॉडल सहभागिता के आधार पर लगाया गया था. ग्रीन ब्रिज योजना से देश भर को परिचित कराने के लिए केन्द्र सरकार ने उदयपुर के सरकारी अमले और उद्योगपतियों को शुक्रवार को नई दिल्ली में आमंत्रित किया था. udaipur से उद्योगपति अरविन्द सिंघल, झील सरंक्षण समिति के डॉ. तेज राजदान, विद्या भवन पोलिटेक्निक महा विद्यालय के प्राचार्य अनिल मेहता, वैज्ञानिक संदीप जोशी ने मंत्रालय की १५ सदस्यीय समिति के समक्ष आयड़ ग्रीन ब्रिज योजना पर प्रस्तुतीकरण दिया. मंत्रालय के संयुक्त सचिव अरुण गोयल, निदेशक ई. पी. निवेदिता, प्रो. श्री निवास चौधरी ने प्रस्तुतीकरण देखने के बाद कहा कि सीवरेज उपचार की यह इको तकनीक सभी के लिए अनुकरणीय है. निवेदिता ने कहा कि जनता के प्रयासों का यह सफल उदाहरण दिल्ली के गंदे नालों के उपचार में भी स्थापित होना चाहिए.
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thank you
nikhil