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तरसाया-बरसे, चमकाया तो चमके भी

BY — August 2, 2013

बादलों के कुछ ऐसे ही रहे हालात

020806Udaipur. कभी तरसाया तो कभी बरसे। कभी खुद चमके तो कभी चमका भी दिया। बादलों के कुछ ऐसे ही हालात शुक्रवार को रहे। सुबह से मौसम सुहाना था। कुछ देर बाद कड़क धूप निकल आई तो लगा कि बारिश तो निकल गई।

020805020804दोपहर होते होते एकदम से घना अंधेरा घिर आया और रिमझिम शुरू हो गई। झिरमिर के बाद वापस बारिश रुकी और फिर धूप निकल आई। रिमझिम भी इतनी कि सड़कें भी पूरी गीली नहीं हो पाई। फिर देर शाम को तेज बूंदों के साथ चमकी बिजली और गरजे बादलों ने भारी बरसात की आशंका जताई लेकिन कुछ ही मिनटों में वह भी फुर्र हो गई।

कुछ देर बारिश के बाद चलने वाले घरों के नालदे आभास कराते रहे कि बारिश हुई थी और हो रही है। देर शाम को तो गर्जना इतनी तेज थी कि एकबारगी लगा आज तो जोरदार बारिश होकर रहेगी लेकिन फिर टांय टांय फिस्स..। गुरुवार देर रात और शुक्रवार अलसुबह भी बारिश होती रही। रात भर की बारिश के बाद कहीं कहीं छोटे मोटे पेड़ भी गिर पडे़।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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