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कब मिलेगा मुआवजा, फसलें चौपट

BY — October 5, 2013

051002फतहनगर. कस्बे  में अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को मुआवजे की मांग की गई है। पिछले दिनों अनवरत बारिश होने से पालिका क्षेत्र की विभिन्न बस्तियों में लोगों के कच्चे मकान ध्वस्त हो गए। कुछ लोगों को सहायता प्रदान कर दी गई लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो अब तक वंचित हैं तथा किसी भी तरीके से प्रशासन तक नहीं पहुंच पाए हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सेफूद्दिन बोहरा, पार्षद नारायणलाल मोर, अर्जुनलाल सोनी, हुकमीचंद पहाडिय़ा तथा प्रवकता इब्राहिम मंसूरी ने बताया कि इन लोगों के पास रहने के लिए कोई व्यवस्था तक नहीं है। सरकार जब गरीबों को मुफत में आवास मुहैया करवा रही है तो इन अतिवृष्टि पीडि़तों की सहायतार्थ भी सरकार को सर्वे करवा कर सहायता करने का आग्रह किया गया है। मामले को लेकर इन नेताओं ने केन्द्रीय मंत्री डॉ.गिरिजा व्यास को भी अवगत कराया है।

051001अतिवृष्टि के कारण किसानों को भी खासा नुकसान हुआ है। राजीव गांधी ब्रिगेड के प्रदेश महामंत्री पवन अग्रवाल ने बताया कि खरीफ की फसलें पूरी तरह से चौपट हो चुकी है तथा किसानों को बीज का पैसा तक भी मुनासिब नहीं हो सका है। इस मर्तबा किसान ग्वार की फसल से आस लगाए बैठे थे लेकिन अतिवृष्टि ने उनकी आशाओं पर तुषारापात कर दिया। पिछले कुछ वर्षों से ग्वार के भाव आसमान पर चढऩे से इसकी खेती के प्रति किसानों का रूझान बढ़ा। हर ओर ग्वार की फसलें ही लहलहा रही थी लेकिन कम पानी में अधिक पैदावार देने वाली ग्वार की फसल अतिवृष्टि के कारण पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। ऐसे में मुंह मांगी कीमत पर किसान बीज लेकर आए थे लेकिन उसका पैसा ही बैठा हो जावे तो भी गनीमत है। इसके अलावा उड़द,मंूग,चवला व मूंगफली आदि की फसलें भी नष्ट हो चुकी है। मकका की फसल भी महज 10 से 20 फीसदी ही पैदावार दे पाई है। मौसम का मारा किसान बेचारा ऐसे में कहां जावे। किसानों का कहना है कि राज्य सरकार गिरदावरी करवाकर उन्हें उचित मुआवजा दिलाएं।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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