
udaipur. एक्यूप्रेशर व एक्यूपंक्चर वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति के जरिये हर उस जटिल रोग का ईलाज संभव है जिसे अन्य पद्धतियों ने ईलाज के लिये नकार दिया हो। रोटरी क्लब एलिट द्वारा कल होटल गोरबन्ध में आयोजित वार्ता में एक्यूप्रेशर व एक्यूपंक्चर चिकित्सा पद्धति विशेषज्ञ डॉ. बी.एल.सिरोया ने उक्त बात कही। उन्होनें बताया कि यह वैज्ञानिक पद्धति न्यूरो इलेक्ट्रीक स्लो पर आधारित है। जब कभी यह स्लो ब्लॉक हो जाता है तब शरीर में बीमारी जन्म ले लेती है। इस अवसर पर उन्होनें एक्यूप्रेशर व एक्यूपंक्चर पद्धति के इतिहास के बारे में भी बताया। वार्ता के दौरान उन्होनें सिरदर्द, जुखाम व स्पोन्डोलाईसिस रोग का हाथों-हाथ ईलाज कर रोगी को राहत प्रदान की। क्लब अध्यक्ष दिलीपसिंह ने कहा कि रोगों के ईलाज में अन्य चिकित्सा पद्धतियों की तुलना में यह पद्धति अधिक कारगर है जिससे कोई साईड इफेक्ट नहीं होता है। इस दौरान डॉ. सिरोया ने गत वर्ष एमपीएचएफ बनने वाले यशवन्त मण्डावरा,पीएचएफ बनने वाले दिलीप सिंह व मनीष गलुण्डिया को पीएचएफ पिन प्रदान की। अन्त में क्लब सचिव अरूण लाहोटी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। वार्ता में पुनीत सक्सेना, निधि सक्सेना सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।
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