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रंगों और सपनों से लिखा अल्फ़ाज़-2015

BY — December 20, 2015

200 स्कूली बच्चों ने चित्रित किया अपना संसार

201207उदयपुर। ‘कन्या भ्रूण हत्या’, ‘समाज मे नारी की स्थिति’ और ‘मैं और मेरी माँ’ जैसे ज्वलंत विषयों आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में नन्हे हाथो ने अपने विचार उकेर दिये। नाट्यांश सोसाइटी ऑफ ड्रामेटिक एंड परफोर्मिंग आर्ट्स और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में हो रहे तीसरे राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव ‘अल्फ़ाज़-2015’के संदर्भ में स्कूली छात्र-छात्राओं के लिये चित्रकला प्रतियोगिता की गई।

201208चित्रकला प्रतियोगिता के संयोजक अब्दुल मुबिन खान और मोहम्मद रिज़वान मंसूरी ने बताया कि यह प्रतियोगिता सेंट एंथनी सीनियर सेकंडरी स्कूल, गोवर्धन विलास मे आयोजित हुई। इस चित्रकला प्रतियोगिता में शहर के 50 स्कूलों के 200 बालक बालिकाओं ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में 70 प्रतिशत से ज्यादा कन्या भागीदारी रही। साथ ही साथ कार्यक्रम की अध्यक्षा प्रोफेसर मीना बया ने भी यादगार स्वरूप एक चित्र बनाया।
इस प्रतियोगिता में बनाये गये कई चित्र तो सजीव हो अपनी कहानी खुद ही बया कर रहे थे। चित्रों में कही नकाब में बन्द औरत की सिसकती आवाज़ थी तो कही पर हाथ में कलम और तलवार लिये खडी क्षत्राणी, कही गाँव में औरत की छवि थी तो कही पर आसमां को छुती औरत जैसे चित्रों से औरत के वास्तविक स्वरूप को दिखाया गया।
201209इस प्रतियोगिता के विजेताओं के नाम की घोषणा और पुरस्कार वितरण समारोह दिनांक 24 और 25 दिसंबर को किया जाएगा। इस राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव ‘अल्फ़ाज़-2015’ में पहले दिन 24 दिसम्बर सांय 6.30 बजे नाट्यांश संस्था द्वारा नाटक ‘दुल्हन एक पहाड़की’ नाटक का मंचन किया जाएगा और दुसरे दिन 25 दिसम्बर को बजे मुंबई की अवितोको नाट्यसंस्था द्वारा नाटक ‘बिम्ब-प्रतिबिंब’ का मंचन किया जाएगा। साथ ही चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरूस्कार वितरण भी किया जायेगा।
इस आयोजन को सफल बनाने में सेंट एंथनी स्कूल के प्रिंसिपल श्री विलियम डिसूजा का विशेष योगदान रहा। साथ ही अरूण जैन, श्री अश्फ़ाक़ नूर ख़ान, श्रीमती स्नेहलता चौहान और श्रीमती अनिता चपलोत और सुश्री रेखा सिसोदिया का भी अतुलनिय सहयोग प्राप्त हुआ।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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