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राजस्थान को हिंदुस्तान जिंक ने दिए 500 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर

BY — May 24, 2021

पहले चरण में उदयपुर, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौडगढ़ और अजमेर को 200 कंसंट्रेटर, वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने वर्चुअल कार्यक्रम में राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत कौ सौपे, कोरोना महामारी की दूसरी लहर से राहत एवं बचाव के लिये हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा अब तक 28 करोड का सहयोग

उदयपुर। वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक कोविड-19 से राहत एवं बचाव के लिये समुदाय और सरकार के सहयोग हेतु अग्रणी रही है। राजस्थान के चिकित्सालयों में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के अपने प्रयासों को जारी रखते हुए, कंपनी ने एक और पहल कर राज्य के लिए 500 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध करवाए है।

वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की उपस्थिति में वर्चुअल कार्यक्रम में हिन्दुस्तान जिंक द्वारा राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सौंपे गए। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ रघु शर्मा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री डाॅ सुभाष गर्ग, मुख्य सचिव निरंजन आर्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव खान विभाग, सुबोध कुमार, वेदांता के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल एवं हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा सहित उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौडगढ़, राजसमंद एवं अजमेर के जिला कलक्टर भी वचुअल कार्यक्रम में मौजूद थे।
समारोह के दौरान पहले चरण में अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और उदयपुर के जिला प्रशासन को 200 आक्सीजन कंसंट्रेटर प्रदान किये गये। ये ऑक्सीजन कंसंटेªटर उन रोगियों के लिये मददगार साबित होगें जिनका आॅक्सीजन लेवल 88-92 के बीच होता है। आॅक्सीजन बेड की कमी को पूरा करते हुए यह कंसंट्रेटर प्राण वायु मंे जीवन रक्षक साबित होगें।
इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि “मैं अनिल अग्रवाल जी के नेतृत्व में वेदांता द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग की सराहना करता हूं। वर्तमान परिस्थिति में हिंदुस्तान जिंक और केयर्न जैसी कंपनी एवं सरकारी और निजी क्षेत्रों के संयुक्त प्रयासों से राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा 500 आॅक्सीजन कंसंट्रेटर, ऑक्सीजन प्लांट और सिलेंडर, वैक्सिन वैन, हाॅस्पीटल और चिकित्सा उपकरण जन समुदाय के लिए आवश्यकता के समय प्रदान किए गए हैं, जो कि महामारी के खिलाफ लड़ाई में हमारे सहायक होगंे। मुझे यह जानकर भी खुशी हो रही है कि वेदांता समूह द्वारा राजस्थान हमेशा अग्रणी हो कर सहयोगी की भूमिका निभाता रहा है। प्रदेश में टीकाकरण अभियान में आप द्वारा स्वैच्छा से हमारी मदद करने की भावना सरहानीय है। हम आपके और आपकी टीम के साथ मिलकर कार्य करना जारी रखेगें।
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा, कि कोविड-19 की दूसरी लहर ने हमारे जीवन और हमारे आसपास जो प्रभाव डाला है, उससे मैं बहुत चिंतित हूं। इस कठिन समय में वेदांता समूह समुदाय और सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है और हम महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में देश भर में अपना पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। राजस्थान हमेशा मेरे दिल के बेहद करीब रहा है, हिंदुस्तान जिंक और केयर्न इंडिया के माध्यम से, हम हमारी इकाइयों के आस पास चिकित्सालय में आॅक्सीजन के साथ ही उपकरण एवं संसाधन प्राथमिकता से उपलब्ध कराएगें। हमारी टीम ऑन-ग्राउंड राज्य को सहायता देना जारी रखेगी और मुझे विश्वास है कि हम सामूहिक रूप से इस संकट को दूर करने में कामयाब होगंे।”

वेदांता समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य सुरक्षा अधिकारी सुनील दुग्गल ने कहा कि “हम इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान राज्यों में प्रशासन का सहयोग करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। राजस्थान में हमें उम्मीद है कि इन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की आपूर्ति के साथ, चिकित्सालयों में भार को कम करने और अमूल्य जीवन को बचाने में हिंदुस्तान जिंक सहायक साबित होगा। महामारी के इस दौर मे हम माननीय मुख्यमंत्री के प्रयासों में सहयोग के लिये तत्तपर हैं।”
इस अवसर पर हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण मिश्रा ने कहा, कि “हिंदुस्तान जिंक ने कोविड 19 से राहत एवं बचाव के लिये राज्य सरकार और स्थानीय समुदाय को हमेशा सहयोग किया है। हमनें वैक्सिन वैन, चिकित्सा उपकरण, आरटीपीसीआर मशीन, सहित आवश्यक संसाधन सुलभ कराये है। गांवों में नियमित हाइपोक्लोराइट का छिडकाव कराने के साथ ही स्वच्छता एवं जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी हैै। 100 बेड के फिल्ड हाॅस्पीटल के साथ आॅक्सीजन की उपलब्धता लिक्विड और सिलेंडर के माध्यम से की जा रही है। हमें विश्वास है कि हम मिलकर इस महामारी पर विजय प्राप्त कर सकते हैं और ये ऑक्सीजन कंसट्रेटर रोगियों को कोविड-19 से राहत और बचाव में सहायक होगें।
महामारी की दूसरी लहर के बाद से, हिंदुस्तान जिंक ने लोगों के लिए कोविड-19 से राहत सुनिश्चित करने के लिए 28 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। कंपनी ने इसी माह की शुरुआत में 5 दिन के रिकॉर्ड समय में अपनी राजसमंद जिले की दरीबा इकाई में एक ऑक्सीजन बॉटलिंग प्लांट स्थापित किया है जिससे अब तक 10,000 से अधिक सिलेंडर मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा चुकी है। हिंदुस्तान जिंक द्वारा स्थानीय प्रशासन को 160 मीट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति कर सहयोग किया है। अब तक कुल ्260 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध करायी गयी है। कंपनी राजसमंद दरीबा,में 100 क्रिटिकल केयर बेड की क्षमता वाला एक अत्याधुनिक फील्ड हाॅस्पीटल की स्थापना कर रही है। जो कि राजसमंद में ही दरीबा के डीएवी स्कूल परिसर में 350 बेड के हाॅस्पीटल के अतिरिक्त होगा। हिंदुस्तान जिंक द्वारा टीकाकरण अभियान में 5000 से अधिक कर्मचारियों, उनके परिवार के सदस्यों और काॅन्ट्रेक्ट वर्कर्स ने टीकाकरण कराया है। कंपनी द्वारा कान्ट्रेक्ट वर्कर्स के लिये समूह कोरोना कवच पालिसी प्रारंभ की है।
वेदांता समूह द्वारा महामारी की दूसरी लहर के खिलाफ लड़ाई में देश को 150 करोड़ और 1000 बेड के हास्पीटल की घोषणा की गयी हैं। सहायता प्रदान करने के लिए समूह की कंपनियों और सभी सहायक कंपनियों ने देश के विभिन्न हिस्सों में अनवरत सहायता हेतु कदम बढ़ाया है। राजस्थान में हिंदुस्तान जिंक के प्रयासों के अलावा, केयर्न इंडिया ने बाडमेंर में 100 बेड का अत्याधुनिक फील्ड अस्पताल स्थापित किया है और हाल ही में बाडमेंर में जिला प्रशासन के सहयोग से कन्या महाविद्यालय को 100 बेड वाले कोविड केयर सेंटर में परिवर्तित किया है। बाड़मेर में प्रशासन कंपनी कोविड केयर सेंटर और जिला अस्पताल में सभी मरीजों को दिन में तीन बार भोजन भी उपलब्ध करा रही है। केयर्न इंडिया ने अपने 13 टैंकर और 50 ऑक्सीजन सिलेंडर आवश्यकता होने पर उपलब्ध कराए हैं और रिफिलिंग के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर का परिवहन भी नियमित रूप से किया जा रहा है।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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