300 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, विशेषज्ञों ने साझा किए विचार, 50 ई-पोस्टर प्रस्तुत
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), राजस्थान के सहयोग से पेसिफिक कॉलेज ऑफ फार्मेसी, पेसिफिक एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी, उदयपुर में “जियोग्राफिकल इंडिकेशन्स: पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण एवं क्षेत्रीय फार्मास्यूटिकल नवाचार को बढ़ावा” विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम के संरक्षक के रूप में प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा (ग्रुप प्रेसिडेंट, पेसिफिक ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स), प्रो. हेमंत कोठारी (अध्यक्ष, पीएएचईआर यूनिवर्सिटी) एवं संयोजक प्रो. पी. के. चौधरी (डीन, फैकल्टी ऑफ फार्मेसी, पीएएचईआर यूनिवर्सिटी, उदयपुर) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सी. पी. जैन (प्रो. एवं डीन, एमएलएसयू, उदयपुर) उपस्थित रहे। वहीं, कीनोट स्पीकर्स के रूप में डॉ. जी. जेयबालन (प्रिंसिपल, alwar फार्मेसी कॉलेज, जयपुर), डॉ. आर. सी. मिश्रा (एसोसिएट प्रोफेसर, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय) एवं डॉ. विवेक जैन (असिस्टेंट प्रोफेसर, एमएलएसयू, उदयपुर) ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में आयोजन सचिव डॉ. गुंजन जादौन की उपस्थिति रही। तकनीकी सत्रों का संचालन डॉ. आर. सी. मिश्रा एवं डॉ. विवेक जैन द्वारा किया गया। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए लगभग 300 छात्र-छात्राओं एवं शोधार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान करीब 50 ई-पोस्टर प्रस्तुत किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने अपने शोध कार्य प्रदर्शित किए। पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के प्रीसिपल डॉ. अंकित पालिवाल ने पोस्टर विजेताओं को बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. माया शर्मा एवं डॉ. प्रीति सोलंकी ने किया। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने जियोग्राफिकल इंडिकेशन्स एवं बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में नवाचार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। यह सम्मेलन छात्रों एवं शोधार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।















