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हिन्दुस्तान जिंक के 60 साल पूरे

BY — June 29, 2026

उत्पादन को 2 एमटीपीए तक दोगुना करने का लक्ष्य, महत्वपूर्ण और दुर्लभ खनिजों में विस्तार जारी, अगले 5 वर्षों में 40,000-50,000 करोड़ का निवेश
उदयपुर। विश्व की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक और वैश्विक स्तर पर शीर्ष 10 सिल्वर उत्पादकों में से एक वेदांता ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने अपनी 60वीं वार्षिक आम बैठक में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। संचालन के छह दशक पूरे होने पर हिंदुस्तान जिंक 2.0 विजन को और मजबूत किया, जो भविष्य के लिए तैयार मल्टी-मेटल एंटरप्राइज बनने की दिशा में एक निरंतर बदलाव की प्रक्रिया है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 26 में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया, इसमें खनन किए गए मेटल का प्रोडक्शन 1.1 मिलियन टन से अधिक रहा जो अब तक का सबसे अधिक है, और रिफाइंड मेटल का आउटपुट दूसरा सबसे अच्छा रहा, साथ ही वैश्विक स्तर पर लागत के मामले में सबसे कम लागत वाली कंपनियों में से एक बनी रही। वित्त वर्ष 26 हिंदुस्तान जिंक के सबसे मजबूत वित्तीय वर्षों में से एक रहा, जिसमें रिकॉर्ड रेवेन्यू, एबिटा और नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया। ऑपरेशनल एक्सीलेंस और अनुशासित लागत प्रबंधन के कारण एबिटा मार्जिन 50 प्रतिशत से अधिक रहा, जो इंडस्ट्री में सबसे बेहतर है।
हिंदुस्तान जिंक की योजना अगले पांच वर्षों में प्रोडक्शन को 1.1 मिलियन टन से बढ़ाकर 2 मिलियन टन करने की है। इसके लिए 40,000-50,000 करोड़ रूपयों का कैपेक्स प्रोग्राम चलाया जाएगा, जिसमें ब्राउनफील्ड विस्तार और कामकाज व सप्लाई चेन में बाधाओं को दूर करने (डीबॉटलनेकिंग) की पहल शामिल है। इस विस्तार का उद्देश्य कंपनी के पैमाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करना, इसे भविष्य के लिए तैयार एनर्जी ट्रांजिशन कंपनी बनाना और देश की आत्मनिर्भरता की पहल में योगदान देना है।
शेयरधारकों को संबोधित करते हुए, चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा कि, “महत्वपूर्ण खनिजों में घरेलू क्षमताओं का विकास भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा का एक प्रमुख आधार होगा। इसी दिशा में हिंदुस्तान जिंक की भूमिका लगातार विकसित हो रही है। हमारा लक्ष्य एक भविष्य-तैयार ऊर्जा परिवर्तन कंपनी बनना हैकृजो अनेक धातुओं और महत्वपूर्ण खनिजों में अपनी ताकत बढ़ाते हुए भारत के औद्योगिक विकास को गति दे और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को सशक्त बनाए।”
हिंदुस्तान जिंक हिंदमेटल एक्सप्लोरेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के जरिए अपने जरूरी खनिजों की पाइपलाइन को मजबूत कर रही है। कंपनी ने टंगस्टन, पोटाश और रेयर अर्थ एलिमेंट्स के लिए नए ब्लॉक हासिल किए हैं, साथ ही रेयर अर्थ मोनाजाइट ब्लॉक भी लिया है, जो भारत में किसी प्राइवेट कंपनी द्वारा की गई ऐसी पहली खरीद में से एक है।
माइनिंग के अलावा, हिंदुस्तान जिंक डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग, सर्कुलर रिसोर्स रिकवरी और डिजिटल ऑपरेशन्स में भी इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम बना रही है। जिंक इंडस्ट्रियल पार्क पहल इसी सोच को दिखाती है। त्रिपुरा ग्रुप और सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी के जरिए, हम जिंक-बेस्ड मैन्युफैक्चरिंग के लिए भारत का पहला इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिससे एमएसएमई घरेलू वैल्यू एडिशन और मेक इन इंडिया एजेंडा को बढ़ावा मिलेगा। कंपनी पुरानी टेलिंग्स से वैल्यू निकालने के लिए सालाना 10 मिलियन टन की क्षमता वाली टेलिंग रीप्रोसेसिंग सुविधा पर भी काम कर रही है। इसके साथ ही, डिजिटल और एआई आधारित माइनिंग में निवेश और सर्कुलर रिसोर्स के इस्तेमाल के तरीके को मजबूत करने का कार्य भी जारी है।
सस्टेनेबिलिटी के मामले में, हिंदुस्तान जिंक जिम्मेदार विकास पर ध्यान दे रही है। कंपनी की योजना वित्त वर्ष 28 तक अपनी 70 प्रतिशत बिजली रिन्यूएबल स्रोतों से प्राप्त करने की है, साथ ही पानी के सही इस्तेमाल, सर्कुलर रिसोर्स के इस्तेमाल और बायोडायवर्सिटी के क्षेत्र में भी लगातार प्रगति कर रही है। कंपनी समावेशी विकास को भी मजबूत कर रही हैय इस सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक है, जिसमें अंडरग्राउंड ऑपरेशन्स भी शामिल हैं। इसकी कम्युनिटी वेलफेयर पहल अब 4,000 से अधिक गांवों तक पहुँच चुकी हैं और 26 लाख लोगों पर सकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं।
भविष्य की ओर देखते हुए, कंपनी ने कहा कि उसकी प्राथमिकताएं कॉस्ट लीडरशिप को मजबूत करने, जिम्मेदारी से विकास करने, अपने रिसोर्स बेस को बढ़ाने, सस्टेनेबिलिटी को आगे बढ़ाने और शेयरधारकों को लंबी अवधि का रिटर्न देने पर केंद्रित रहेंगी। अपने सातवें दशक में प्रवेश करते हुए, हिंदुस्तान जिंक खुद को विकास के अगले चरण के लिए तैयार कर रही है, जो बड़े पैमाने, मजबूती, मिनरल सिक्योरिटी और लंबी अवधि में वैल्यू बनाने पर आधारित है।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.