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दुग्ध उत्पादन वृद्धि में गिर के सांड का करेंगे उपयोग

BY — June 23, 2012

रोटरी क्लब उदयपुर व पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित पशु चिकित्सा शिविर में 580 पशुओं की जांच

उदयपुर। घणोली गांव के पशुपालकों ने यह निर्णय लिया है कि वे अपने गांव में नयी नस्ल से दूध उत्पादन में वृद्धि हेतु गुजरात के प्रसिद्ध गिर के सांड को लायेंगे। जिससे न केवल वे आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे वरन् गांव का समुचित विकास होगा।

रोटरी क्लब उदयपुर व पशुपालन विभाग उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में मावली तहसील की मामरी पंचायत समिति के घणोली गंव में पशु चिकित्सा व पशु उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिये आयोजित शिविर में पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॅा. योगेश जोशी व संयुक्त निदेशक डॅा. भवानीसिंह द्वारा क्षेत्र में नस्ल सुधार कर दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने हेतु क्षेत्र में गुजरात के प्रसिद्ध गिर के सांड को लाये जाने की बात क्षेत्रीय पशुपालकों के समक्ष रखी गई, जिसे पशुपालकों ने सहर्ष स्वीकार किया।
क्लब अध्यक्ष डॅा. निर्मल कुणावत ने बताया कि इस शिविर में पशु चिकित्सकों द्वारा पशुओं की विभिन्न बीमारियों का जहां इलाज किया गया वहीं उन्हें वहां आयोजित गोष्ठी के माध्यम से पशुओं की देखभाल की जानकारी भी दी गई।
डॉ. के. बी. शर्मा ने बताया कि शिविर में 580 पशुओं की जांच की गई। जिसमें से 17 पशुओं की सामान्य चिकित्सा की गई, 60 पशुओं को गलघोंटू बीमारी से बचाव हेतु टीके लगाये गये, 27 पशुओं की बांझपन बीमारी का निवारण किया गया, 277 छोटे-बड़े पशुओं को कृमि नाशक औषधियां पिलाई गई। 220 पशुओं का बाह्य परजीवी कीटाणुओं की रक्षा के लिये उपचार किया गया। शिविर में आस-पास के सभी फलों के 55 पशुपालकों को विभाग की ओर से लाभािन्वत किया गया। इसके अतिरिक्त लगभग 150 पशुपालकों को गोष्ठी में पशुओं के रखरखाव व उपयोगिता संबंधी जानकारी दी गई। विभाग की ओर से तीन चिकित्सकों व 7 सहायकों व रोटरी क्लब उदयपुर के अध्यक्ष डॅा. निर्मल कुणावत, सचिव गिरीश मेहता, डॅा. के.बी.शर्मा सहित अनेक सदस्यों ने सेवायें दी।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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