स्वरोजगार पर छात्र अपनी अवधारणा बदलें

BY — March 27, 2012

उदयपुर। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में विद्यार्थियों में स्वरोजगार की अवधारणा विकसित करने की आवश्यंकता है। इसके लिये छात्रों को अपनी अवधारणा बदलनी जरूरी है। ये तथ्य जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्ववविद्यालय के संघटक विभाग प्रबन्ध अध्ययन संकाय में मंगलवार को उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ की हुई बैठक में उभरकर आए।

बैठक में सुविवि के भू विज्ञान महाविद्यालय के प्रो. विनोद अग्रवाल, एमजी रॉकमिन के निदेशक प्रो. एम. एस. राव, एसबीबीजे के मुख्य जिला प्रबंधक ओ. पी. मूथा आदि ने उद्यमिता विकास के संदर्भ में विचार व्यक्त किये।
उल्लेखनीय है कि प्रबन्ध अध्ययन संकाय ने एआईसीटीई से स्वीकृत परियोजना के अन्र्तगत इस प्रकोष्ठ  की स्थापना की है जो कि उद्यमिता विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी। अध्यक्षता संकाय के निदेशक प्रो. एन.एस. राव ने की। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. हिना खान ने दिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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