‘इन बुजुर्गों की जो दुआ लेगा, आंधी में भी वो दीप जला देगा’
उदयपुर। महाराणा प्रताप वरिष्ठ नागरिक संस्थान द्वारा आज रविवार को विज्ञान समिति में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें गत दिनों यूरोप यात्रा पर गये 47 सदस्यों के दल में चुनिन्दा सदस्यों ने अपने संस्मरण सुनायें, वहीं शायर एवं कवि ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर बैठक में उपस्थित सैकड़ों सदस्यों का मनोरंजन किया।
यूरोप संस्मरण सुनाते हुए फतहलाल कोठारी ने बताया कि यूरोप की जनता में अनुशासन, ईमानदारी एवं सदभावना के भाव देखें। कहीं भी प्रदुषण एवं गदंगी दिखायी नहीं दी। सबसे महत्वपूर्ण बात वहंा के निवासियों में पहले आप की प्रवृत्ति देखी जो भारतीयों में अमूमन दिखायी नहीं देती है। डॅा. देव कोठारी ने बताया कि पूरे यूरोप में शहर व हाईवे पर सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था देखने को मिली। वहां के निवासियों में भी यातायात नियमों का अक्षरश: पालन करते हुए देखा गया। राजेन्द्र सरूपरिया ने बताया कि यूरोप सडक़, ट्रेन,बसों एवं मॉल्स के मामलों में भारत से 50 वर्ष आगे है। वहंा पर कृषि भी आधुनिकतम एवं नवीनतम तकनीकों को इस्तेमाल कर समय एवं धन की बार्बदी को बचाया जाता है। इस अवसर पर जी.एस.टांक ने भी अपने संस्मरण सुनायें। संस्थान के सचिव भंवर सेठ ने बताया कि संस्थान द्वारा सदस्यों के लिए समय-समय पर करायें गये विभिन्न विदेशी यात्राओं के संस्मरणों एवं अनुभवों की रिपार्ट सराकर को भेजी लेकिन सरकार कीओर से देश की व्यवस्थाओं को सुधारनें के लिए कोई पहल नहीं की गई।
बैठक में शायर इकबाल हुसन इकबाल ने ‘इन बुजुर्गो की जो दुआं लेगा, वह आंधी में भी दीप जला देगा’, ‘जमीं पर चंाद ले आयें जरा तुम बोल कर देखों, मोहब्बत के तराजू में हमें तुम तौल कर देखों’, ‘आंत असली हसें यह बात मानी हमनें, दंात नकली हंसे,इस बात पर रोना आया ’ तथा सागरमल सागर ने ‘दस्तक दी है दर्द ने..’ सहित अपनी अनेक रचनाएं प्रस्तुत की। गीतकार के.के. त्रिपाठी ने ‘मधुबन में राधिका नाची रे..’ मधुर एवं सुरीली वाणी में गीत प्रस्तुत किया तो सभी सदस्य मंत्रमुग्ध हो गये।
भंवर सेठ ने बताया कि अगले वर्ष 21 व 22 फवरी को उदयपुर में दो दिवसीय अखिल भारतीय वरिठ नागरिक महासंघ का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। जिसकी तैयारियां प्रारम्भ कर दी गई है। अंत में संस्थान के अध्यक्ष चौसरलाल कच्छारा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।













