स्कूल-कॉलेज में हेल्थ विषय ना होना बड़ी कमी : छाजेड़

BY — July 19, 2015

190707उदयपुर। भारत में प्रतिवर्ष करीब 50 लाख लोग हार्ट अटैक से मरते हैं। डॉक्टर्स द्वारा मरीजों को सही जानकारी नहीं देने और व्यावसायिक फायदे के चलते मरीजों को ऑपरेशन का ही एक मात्र रस्ता बताकर लाखों रूपये का इलाज किया जाता है। इससे भी बड़ी कमी हमारे शिक्षा तंत्र में भी हैं, कि स्कूल-कॉलेज मे हेल्थ पर कोई अलग से विषय नहीं है जहां शुरूआत से ही बीमारी के बारे में जानकारी दी जाये।

यह बात सॉल हार्ट के निदेशक डॉ. बिमल छाजेड़ ने रोटरी क्लब मेवाड़ द्वारा ‘जानिये दिल को कैसे रखे सेहतमंद’ विषयक कार्यक्रम के तहत आरएनटी मेडिकल कॉलेज सभागार मे आयोजित कार्यक्रम मे मुख्य वक्ता के रूप में कही।
डॉ. छाजेड़ ने हार्ट अटैक की बामारी, उसके कारण, उसकी जानकारी कर उसे बिना चीर फाड़ के कैसे काबू किया जायें, इस पर अपनी बात को बड़े ही सहज भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि उम्र के 20 साल बाद से मांस खाने से कोलेस्ट्रोल और तेल की चीजे खाने से ट्राईग्लिसराईड हार्ट के ट्यूब में ब्लॉकेज बढऩा शुरू हो जाता है, और एक दिन व्यक्ति सालों से बढ़ रहे इस ब्लॉकेज की वजह से हार्ट अटैक का शिकार होता है।
डॉ. छाजेड़ ने इस ब्लॉकेज को रोकने के लिए उपाय बताते हुए अपने द्वारा तैयार तेल की बजाय पानी से बनाई गई सब्जी, मिठाई, नाश्ता एवं साउथ इण्डियन की करीब 1000 रेसेपी को बनाने के बारे में जानकारी दी। उन्होने बताया कि 80 प्रतिशत ब्लाकेज के बाद भी यदि हम कोलेस्ट्रोल और ट्राईग्लिसराईड से युक्त चीजों का सेवन बन्द करके पानी से खाना बना कर खायें तो इस हार्ट अटैक की बीमारी को काबू किया जा सकता है।
कार्यकम्र के प्रारम्भ में रोटरी क्लब मेवाड़ के अध्यक्ष मुकेश चौधरी ने इस आयोजन पर हार्ट अटैक पर सहीं एवं सहज जानकारी के माध्यम से बीमारी पर काबू करने विषय पर सारगर्भित जानकारी देने पर डॉ. बिमल छाजेड़ को विशेष धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार त्रिभुवन, अजित जॉनी, इवेंट आयोजक हितेश, हंसराज चौधरी एवं रोटरी क्लब मेवाड़ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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