आशीर्वाद की आस में पहुंचेंगे गुरु के द्वारे

BY — July 30, 2015

गुरु पूर्णिमा आज

3300712उदयपुर। गुरु पूर्णिमा पर शुक्रवार को शहर भर में विविध आयोजन होंगे। शहर के विभिन्नी देवरों, स्था नकों पर गुरुजनों को धोग देने शिष्यए पहुंचेंगे वहीं कैलाशपुरी स्थित श्री एकलिंगजी में स्वररांजलि का आयोजन होगा।

आषाढ़ मास की इस गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु के अवतार वेदव्यास का जन्म हुआ था। इन्होंने महाभारत आदि कई महान ग्रंथों की रचना की। कौरव, पाण्डव आदि सभी इन्हें गुरु मानते थे इसलिए आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा व व्यास पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन गुरु की पूजा कर सम्मान करने की परंपरा प्रचलित है। हिंदू धर्म में गुरु को भगवान से भी श्रेष्ठ माना गया है क्योंकि गुरु ही अपने शिष्यों को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है तथा जीवन की कठिनाइयों का सामना करने के लिए तैयार करता है इसलिए कहा गया है –
गुरुब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वर:। गुरु: साक्षात परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरुवे नम:।।
गुरू पूर्णिमा पर एकलिंगजी ट्रस्ट एवं महाराणा कुंभा संगीत कला ट्रस्ट के तत्वावधान में एकलिंगजी मंदिर में आयोजित स्वरांजलि-2015 में प्रात: 10.30 बजे राजेश एवं ऋषभ प्रसन्ना बांसुरी पर जुगलबंदी प्रस्तुत करेंगे। प्रात: 11.30 बजे साईद जफर खान सितार पर अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके बाद 12.30 बजे अपर्णा मेनन लाइट क्लासिकल पर प्रस्तुति देगी। शाम को 5.30 बजे पं. जयतीर्थ मेवंदी क्लासिकल वोकल प्रस्तुत करेंगे। शाम 6.30 बजे कमाल कामले वायलिन पर अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके बाद शाम 7.20 बजे संगीता बंधोपाध्याय क्लासिकल वोकल प्रस्तुत करेगी।
उस्ताद कर्णसिंह पहलवान श्री भीम राष्ट्रीय व्यायामशाला चान्दपोल बाहर संस्थापक उस्ताद कर्णसिंह पहलवान की चरण पादुकाओं का व्यायामशाला के शिष्यों द्वारा पूजा की जाएगी। उस्ताद डॉ. दिलीप सिंह चौहान का गुरू पूजन किया जाएगा। साथ ही कुश्तीग व शस्त्र प्रदर्शन भी किया जाएगा।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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