बिखरे अल्फ़ाज़ों को सहेजता नाट्यांश का पॉयट्री स्लेम

BY — December 3, 2018

महिलाओं को समर्पित राज्य का पहला और एकमात्र नाट्य महोत्सव

उदयपुर। नाट्यांश सोसायटी ऑफ ड्रामेटिक एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स और भारतीय लोक कला मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे छठें राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव ‘अल्फ़ाज़ – 2018’ की दुसरी कडी, अर्वाना शोपिंग सेंटर में पोअट्री स्लैम यानि कि कविता पाठ के रूप में संपन्न हुई।

आज के कविता पाठ में शहर के जाने-माने वरिष्ठ कवि और रंगकर्मी खुर्शीद नवाब साहब और हास्य कवि मुस्ताक चंचल साहब ने भी मंच पर अपनी बेहतरीन कविता पाठ से इस कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिये। वरिष्ठ कवियों के साथ-साथ शहर के दिग्गज और जाने-माने कवियों ने भी शिरकत करी। कवियों में नूपुर बसु, ज़रनैन फातिमा, विभा मेहता, घनश्याम जी, मधु जैन, हर्षिता शर्मा, चुनौती शर्मा, शिवदान सिंह झोलावास, देवर्षी मेहता और अमित श्रीमाली ने अपनी कविता पाठ से दर्शकों में एक नया उत्साह भर दिया। कविता पाठ के साथ ही सभी ने अपने अनुभव भी सांझा किये।
इस कविता पाठ के माध्यम से विभिन्न कविता समुह के कवियों ने मंच पर अपनी प्रस्तुतिया दी। एसा विरले ही देखने को मिलता है कि अलग-अलग विधा और पहचान वाली शक्सियत एक मंच पर आ कर अपनी बात कहे।
कार्यक्रम की निजामत तैख़ुम सादिक ने संभाली। कार्यक्रम की सफलता इसी बात से साबित होती है कि वरिष्ठ रंगकर्मी खुर्शीद नवाब साहब ने मंच के माध्यम से कहा कि मैं दुखी था कि अब कविता के पटल में केवल चुटकले ही बाकि रह गये है, परन्तु आज इस युवा शक्ति की कोशिशो से मुझे तसल्ली है कि एक नई पीढ़ी तैयार है इस विरासत को सहेझने में जुटी है।
कार्यक्रम के संयोजक रेखा सिसोदिया ने बताया कि इस आयोजन के आखिर में नाट्यांश के अध्यक्ष अशफ़ाक़ नुर ख़ान ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। और इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अब्दुल मुबीन खान, मोहम्मद रिजवान, अगस्त हार्दिक नागदा, ऋषभ यादव, योगिता सिसोदिया, कुमुद, जतिन, धर्मेंद्र, आकांक्षा और महेश ने भी सहयोग दिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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