हिन्दुस्तान जिंक : रिकार्ड भूमिगत खनन, सर्वाधिक चांदी-सीसा उत्पादन

BY — May 2, 2019

चैथी तिमाही एवं वार्षिक वित्तीय परिणामों की घोषणा, 2012 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ
हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने 31 मार्च, 2019 को समाप्त वित्तीय वर्ष तथा इसी वर्ष की चैथी तिमाही के परिणामों की घोषणा की। वित्तीय वर्ष में कंपनी की प्रमुख उपलब्धियों में 936,000 टन भूमिगत खनित धातु उत्पादन रहा जो गतवर्ष की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक रहा। 679 एमटी रिकाॅर्ड चांदी उत्पादन जो गतवर्ष की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक रही।

हिन्दुस्तान जिंक की चेयरमैन किरण अग्रवाल ने बताया कि हिन्दुस्तान जिंक के बोर्ड में शामिल होने पर खुश हॅूं तथा विश्व की सबसे बड़ी सीसा-जस्ता एवं चांदी उत्पादक कंपनी बनने की ओर अग्रसर है। वित्तीय वर्ष 2019 एक ऐतिहासिक वर्ष रहा है क्योंकि कंपनी की ओपन-कास्ट आॅपरेशन बंद होने के बावजूद भूमिगत आॅपरेशन्स से प्रतिवर्ष मिलियन मीट्रिक टन से अधिक की रन-रेट से प्राप्त हुई है। जैसा कि हम इस वर्ष वार्षिक क्षमता 1.2 मिलियन मीट्रिक टन करने के लिए अपनी खदान विस्तार कार्यक्रम पूरे कर रहे है तथा हम अपने बाजार स्थिति एवं लागत नेतृत्व को और अधिक मजबूत करने के लिए अधिक प्रयास करेंगे।
वित्तीय वर्ष की चैथी तिमाही में भूमिगत खदानों में 245,000 टन खनित धातु का उत्पादन हुआ है जो गतवर्ष की समान अवधि की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक दर्शाता है। यह कंपनी की भूमिगत खदानों रामपुरा आगुचा, सिन्देसर खुर्द और राजपुरा दरीबा में उच्च अयस्क उत्पादन में वृद्धि के फलस्वरूप संभव हुआ है।
कंपनी का वित्तीय वर्ष में भूमिगत खदानों से 936,000 टन खनित धातु का उत्पादन हुआ है जो गतवर्ष की तुलना में 29 प्रतिषत अधिक है जो उच्च मात्रा में अयस्क की उपलब्धता के कारण संभव हुआ है।
चैथी तिमाही में 227,000 टन एकीकृत धातु का उत्पादन तथा 175,000 टन एकीकृत जस्ता धातु का उत्पादन हुआ है। चैथी तिमाही में 53,000 टन एकीकृत सीसा धातु का उत्पादन हुआ जो गतवर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है। चैथी तिमाही में 191 एमटी एकीकृत चांदी का उत्पादन हुआ जो इससे पहली तिमाही की तुलना में 8 प्रतिशत तथा गतवर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी ने वित्तीय वर्ष की चैथी तिमाही के दौरान जस्ता-सीसा एवं चांदी की सुद्ढ़ कीमतों एवं खनित धातु की बिक्री के परिणामस्वरूप 5,491 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।
कंपनी ने वित्तीय वर्ष की चैथी तिमाही के दौरान 2,797 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए अर्जित किया है तथा वर्ष के दौरान 10,747 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए अर्जित किया है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष की चैथी तिमाही के दौरान 2,012 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है तथा वर्ष के दौरान 7,956 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
22 अक्टूबर, 2018 को हिन्दुस्तान ज़िंक के निदेशक मण्डल ने कंपनी के शेयरधारकों को 1000 प्रतिशत विषेष अंतरिम लाभांश देने की घोषणा की थी जो 2 रूपये के प्रति इक्विटी शेयर पर 20 रुपये है जो शेयरधारियों को कुल 10,188 करोड़ रुपये (लाभांश वितरण कर सहित) अंतरिम लाभांश दिया है। इस प्रकार विशेष अंतरिम लाभांश को देखते हुए बोर्ड ने इस वर्ष के लिए अंतिम लाभांश की सिफारिश नहीं की है।
वित्तीय वर्ष 2020 तक दोनों, खनित धातु एवं फिनिश्ड धातु का उत्पादन गतवर्ष की तुलना में अधिक है जो लगभग 1.0 मिलियन मीट्रिक टन होने की संभावना है। इस वित्तीय की दूसरी तिमाही के अंत तक 2013 में घोषित भूमिगत खदान विस्तार योजना का पूरा हो जाने की संभावना है जिससे खनित धातु की उत्पादन क्षमता 1.2 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी।
कंपनी में अयस्क भण्डारों एवं संसाधनों के लिए समन्वेषण कार्यकलाप लगातार जारी है । 31 मार्च, 2019 को कुल संसाधन एवं आरक्षित अयस्क भण्डार 403 मिलियन एमटी रहा, जिसमें 34.6 मिलियन एमटी जस्ता-सीसा धातु एवं 965 मिलियन औंस चाँदी विद्यमान है। खदानों की आयु 25 से अधिक है तथा खदानों में लगातार उत्पादन जारी रहेगा है।
वर्ष के दौरान कंपनी ने 11,563 करोड़ रुपये राॅयल्टिज, कर एवं लाभांश के माध्यम से सरकारी खजाने में योगदान दिया है जो राजस्व का 52 प्रतिशत है।

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *