पेसिफिक में राष्ट्र प्रेम पर ऑनलाइन कविता पाठ

BY — February 2, 2022

पेसिफिक विश्वविद्यालय केे पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस स्टडीज में राष्ट्र प्रेम, राष्ट्रीय गौरव और समर्पण पर कविता वाचन का कार्यक्रम आनलाईन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संचालक सहायक प्रोफेसर कृति सिंघवी ने की। गाजियाबाद से महाविद्यालय के छात्र सार्थक त्यागी ने “अब तो पहचान लो मुझे, मैं तिरंगा हुँ“ कविता से राष्ट्र प्रेम का आह्वान किया।

प्रिंसिपल डॉ. अनुराग मेहता ने भी कविता के माध्यम से बताया कि आतंक, नफरत, नशा और जात-पात की जगह सिर्फ सृजन और विकास की बात होनी चाहिए तभी समग्र विश्व का कल्याण होगा।
विद्यार्थियों ने कई मनमोहक प्रस्तिुतियाँ दी जिनमें “संविधान हुँ मैं“ कविता पर रतलाम से अविरल राजपुरोहित ने खुब तालियां बटोरी। वहीं उदयपुर के आदित्य शर्मा की कविता “देश तुम बढ़े चलो“ भी कार्यक्रम में चर्चित रही।
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थी राजवीर सिंह ने कविता के जरिये समझाया कि हम एकमत होकर भारत के संविधान में पूर्ण निष्ठा रखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और देश में लोकतंत्र को मजबूत बनाये।
अंजलि अग्रवाल ने हरिवंश राय बच्चन की रचना वी ऑर फ्री एण्ड ऑर फ्लेग फ्लाए लाइक क्लाउड तथा सतारा महाराष्ट्र की नर्मदा देवासी ने राष्ट्र दिवस फिर आया है की प्रेरणादायक प्रस्तुती दी। सोनाली चौधरी और सचिन शर्मा ने भी कविता पाठ में भाग लेते हुए देश के सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और न्यायिक पहलुओं पर अपने सकारात्मक विचार व्यक्त किए।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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