पेसिफेस्ट सीजन 3 का रंगारंग आगाजः 40 विद्यालयों के 500 विद्यार्थी दे रहे प्रस्तुति
पेसिफिक विश्वविद्यालय द्वारा स्कूली विद्यार्थियों की प्रतिभा को उजागर करने और उन्हें बड़ा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से “पेसिफेस्ट” का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय इस कार्यक्रम के तहत नॉलेज क्विज, चित्राभिनय, पोस्टर निर्माण, वाद-विवाद, विज्ञान वैभव इंजीनियरिंग एवं विज्ञान प्रदर्शनी तथा कविता पाठ का आयोजन हुआ। आज एकल एवं समूह नृत्य, एकल गीत -सुर संगम प्रतियोगिता, आशु भाषण, निबंध लेखन एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन होगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार की सदस्य श्रीमती निवृत्ति कुमारी जी मेवाड़ ने विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए इस तरह के आयोजनों हेतु पेसिफिक विश्वविद्यालय के योगदान की सराहना की। उन्होनें कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर ही विद्यार्थी अपनी लोकसंस्कृति और साहित्य से जुड़ते हैं तथा उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना भी जागृत होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल के अनावश्यक प्रयोग से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन अनमोल है इसका पूरा आनंद लीजिए और इसे सृजनात्मक कार्यों में लगाइए। मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार की सदस्य श्रीमती निवृत्ति कुमारी जी मेवाड़ ने मातृभाषा एवं मेवाड़ी भाषा का प्रयोग करते हुए संवाद करने की बात कही, क्योंकि यह अभिव्यक्ति का सहज तरीका है और इससे विद्यार्थियों में मेवाड़ की धरा के प्रति गौरव की भावना बनी रहती है। गेस्ट ऑफ ऑनर सीडीईओ लोकेश भारती ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार के सार्थक आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को सामने लाने तथा उन्हें अधिक ऊर्जावान बनाने में सहायक रहते हैं। साथ ही इससे विद्यार्थियों में जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।
विशिष्ट अतिथि यूनेस्को एमजीआईपी के चेयरपर्सन प्रो. बी.पी. शर्मा ने कहा कि आज के ये किशोर विद्यार्थी ही कल के युवा और कर्णधार बनेंगे। इसलिए इनके उत्साहवर्धन के लिए इस तरह का रोचक एवं अर्थपूर्ण कार्यक्रम अत्यंत लाभकारी और कल्याणकारी हैं। पेसिफिक विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट प्रो. हेमंत कोठारी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में समायोजन की क्षमता बढ़ती है और वे अनेक नवाचारों से परिचित होते हैं। उन्होंने बताया कि बड़े मंच पर प्रस्तुति देने से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है तथा वे अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों से संवाद कर कुछ नया सीखते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम के संयोजक, फैकल्टी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के चेयरपर्सन प्रो. दिलेंद्र हिरण ने कहा कि विद्यार्थियों का कौशल चाहे वह अकादमिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक या व्यावहारिक कौशल हो सभी का अपना-अपना महत्व है। इन सभी पर समेकित रूप से कार्य करने का प्रयास विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो और वे कुशल व सक्षम होकर अपने-अपने करियर में ऊँचाइयों को छुएँ। कार्यक्रम के आरंभ में होटल मैनेजमेंट संकाय के डायरेक्टर प्रो. वी. के. सिंह भदौरिया ने सभी विद्यार्थियों व शिक्षकों का स्वागत किया तथा उन्हें पेसिफेस्ट के कार्यक्रमों का संक्षिप्त परिचय दिया। कार्यक्रम के कन्वीनर, होटल मैनेजमेंट संकाय के सह-प्राचार्य जैकब जॉन ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जिले के सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने विद्यार्थियों को इस मंच पर प्रदर्शन करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मेहंदी शर्मा तथा कृपा जैन ने कुशलतापूर्वक किया।
















