Udaipur. आयड़ नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए साझा अपशिष्ट उपचार संयंत्र स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि का चिह्नीकरण हो जाए तो यूसीसीआई उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषित जल के उपचार एवं निस्तारण के लिए 20-25 करोड़ की लागत का सुविधा संयंत्र लगाएगा।
यह आश्वाचसन यूसीसीआई अध्येक्ष महेन्द्रे टाया ने जिला प्रशासन को आयड़ नदी सौन्दर्यीकरण परियोजना के संदर्भ में दिया है। यूसीसीआई के सुझाव पर सकारात्मक रूख अपनाते हुए जिला कलक्टर ने यथाशीघ्र साझा ईटीपी की स्थापना के लिये 10 एकड़ भूमि का चिन्हिकरण कर आरक्षित करने की कार्यवाही आरंभ करने के निर्देश दिए। टाया ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा चाही गई भूमि आरक्षित करने पर अपशिष्ट जल के निस्तारण हेतु चेम्बर द्वारा गुडली में स्थापित हानिकारक अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा परियोजना की तर्ज पर साझा ईटीपी संयंत्र डेढ़ साल के भीतर स्थापित कर दिया जायेगा जिससे न केवल उद्योगों को सुविधा प्राप्त होगी अपितु आयड़ नदी में भी प्रदूषित जल के प्रवाह पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सकेगी।







