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दवा उद्योग बचाने को मजबूत करें वामपंथ को

BY — October 23, 2013

medicineUdaipur. केन्द्र सरकार द्वारा विदेशी कम्पनियों को देश की दवा कम्पनियों को खरीदने की छूट देने से देश के दवा उद्योग पर संकट पैदा हो गया है, केन्द्र सरकार की इस नीति का भाजपा भी ’खुला व्यापार नीति के आधार पर‘ समर्थन करती रही है। केवल वामपंथ ही इस नीति का विरोध करता रहा है, इसलिए दवा उद्योग को बचाने के लिए वामपंथ को मजबूत करना होगा।

ये विचार आरएमएसआरयू के प्रदेश सचिव सौरभ गौतम ने विधानसभ चुनाव में लोकतांत्रिक मोर्चा उम्मीदवार पार्षद राजेश सिंघवी के समर्थन में संगठन की आयोजित बैठक में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सरकार को पेट्रोलियम क्षेत्र के बाद ’एक्साईज ड्यूटी‘ के नाम पर दवा उद्योग ही सबसे ज्यादा राजस्व देता है, लेकिन केन्द्र सरकार उदारीकरण, वैश्वीकरण एवं निजीकरण की नीति के चलते दवा उद्योग केा बर्बाद करने पर तुली है, जिससे देश के लाखों लोगों के बेरोजगार होने की संभावना के साथ आम आदमी का दवा खरीदना असंभव हो जाएगा।
सौरभ गौतम ने बताया कि केन्द्र सरकार ने देश के भी कॉर्पोरेट घरानों को दवा उद्योग में शामिल करने की इजाजत दे उन्हें लूटने की खुली छूट दे रखी है, जिससे जीवन रक्षक दवा का मूल्य लगातार बढ़ रहा है, जिसका भी केवल वामपंथ ही विरोध करता रहा है। गौतम ने कहा कि सभी डॉक्टर्स, नर्सिंग एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी स्टाफ, केमिस्ट, विज्ञान संस्थान, मेडिकल रिप्रजेन्टेटीव आदि से भी विधानसभा चुनाव में राजेश सिंघवी को मत एवं समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पहली बार जनता को सकारात्मक वोट देने का मौका मिलेगा। सौरभ गौतम ने कहा कि उनका संगठन राजेश सिंघवी के समर्थन में सभी क्षेत्रों में जनसम्पर्क करने के साथ चन्दा भी इकट्ठा करेगा। बैठक में दीपेश राठौड़, प्रदीप सिंह, अजय तिवारी, सुरेन्द्र सिंह, दीपक श्रीमाल, पवन चौधरी, ब्रिजेश चौधरी, रामधन राकेश व्यास, अनाभिक सरकार आदि मौजूद थे।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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