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जरूरतमंद व अनाथ बच्चों की देखभाल

BY — July 18, 2014

राज्य सरकार, यूनिसेफ व स्वयंसेवी संगठनों का मंथन

180701उदयपुर। बाल अधिकारिता विभाग, यूनिसेफ के सहयोग से फोस्टर केयर इंडिया की ओर से परिवार आधारित देखभाल को बढा़वा देने के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ उदयपुर स्थित ‘क्यू होटल‘ में हुआ। पहले दिन संभावित विकल्पों पर चर्चा की गई जिसमें गोद प्रथा, पालन-पोषण देखभाल, प्रायोजित देखभाल पर मंथन किया गया।

यूनिसेफ के राज्य प्रमुख सैम्यूल ने कहा कि राज्य सरकार के पर्याप्त सहयोग से क्षेत्र में यूनिसेफ द्वारा बालिकाओं एवं जरूरतमंद बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रयास रंग ला रहे हैं। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य स्तर के सभी नियमों के आधार पर संभावित विकल्पों बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण के लिए सबसे बेहतर विकल्प माना गया है।
संस्था के निदेशक इअन आनन्द ने बताया कि भारत में बाल संरक्षण के लिए राष्ट्रीय और राज्य अधिनियम में बच्चों के लिए चार कानूनी व्यवस्थाओं पालन- पोषण देखभाल, प्रायोजित देखभाल, दत्तक ग्रहण और संस्थानीकरण का जिक्र किया गया है। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा संचालित आपकी बेटी योजना, पालनहार योजना और मुख्यमंत्री हुनर विकास को बाल संरक्षण एवं सर्वांगीण विकास में सार्थक बताया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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