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तरुण क्रांति पुरस्कार समारोह

BY — August 10, 2011

उदयपुर. सांसद मेनका गांधी ने कहा की वे भगवान महावीर के जीयो ओर जीने दो के सिद्धांत से असहमत हैं. इसके बजाय यह होना चाहिए की जीयो ओर जीने में मदद करो. उन्होंने कहा की दान-पुन्य करने वाला ओर देश की संस्कृति को संभालने वाला ही जैन होता है. उन्होंने अगले जनम में जैन कुल में जन्म ले लेने की इच्छा जताई. वे बुधवार को तरुण क्रांति अवार्ड समारोह को संबोधित कर रही थी. उनके साथ वरिष्ठ पत्रकार गुलाब कोठारी ओर पद्म विभूषण डॉ. वीरेंद्र हेगड़े को भी तरुण क्रांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया. समारोह का आयोजन बी. एन. कॉलेज प्रांगन में हुआ. पुरस्कार स्वरुप प्रत्येक को ५१ हज़ार सहित, शाल, पगड़ी, स्मृति चिन्ह व् अभिनन्दन पात्र दिए गए. कोठारी ने कहा की बड़ा बनना  है तो अपने अस्तित्व को मिटाना होगा. आम सभी खाते हैं लेकिन उसकी गुठली के बारे में कोई नहीं सोचता. एक गुठली कितने ओर आम पैदा कर देती है. हेगड़े ने मुनि तरुण सागर से जुड़े कई संस्मरण सुनाये.  वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने भी विचार व्यक्त किये.

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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