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….नीड़ का निर्माण फिर-फिर

BY — June 25, 2015

मानसून की दस्तक के साथ परिदे हुए सक्रिय

250608उदयपुर। प्रलय की निस्तब्धता से सृष्टि का अवगान फिर-फिर, नीड़ का निर्माण फिर-फिर, नेह का आह्वान फिर-फिर।’’ ख्यातनाम कवि हरिवंशराय बच्चन की इन्हीं पंक्तियों की भावनाओं के अनुरूप मानसून की दस्तक के साथ-साथ आमजन द्वारा अपने आशियानों को संवारने का सिलसिला प्रारंभ हो जाता है।

250609न सिर्फ मनुष्य अपितु पक्षी भी मानसून के आगमन के साथ प्रजननकाल व्यतीत करने के लिए अपने नीड़ का निर्माण आरंभ कर देते हैं। नैसर्गिक सौन्दर्य से लकदक उदयपुर शहर की आबोहवा पक्षियों को रास आ रही है और यही कारण है कि इन दिनों चारों तरफ बड़ी संख्या में भांति-भांति के आवासीय और प्रवासी परिंदों द्वारा अपने नीड़ के निर्माण के दृश्य सहज सुलभ होते हैं। पक्षीप्रेमी विनय दवे बताते हैं कि यह सुखद है कि इस बार पूर्व वर्षों की अपेक्षा ज्यादा संख्या में पक्षियों द्वारा अपने घौंसलों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लंबे समय बाद प्रवासी पक्षी इण्डियन पिट्ठा का घौंसला भी इस बार शहर के एक पार्क में देखा गया है। इसके साथ ही प्रवासी पक्षी पेरेडाईस फ्लाईकेचर पक्षी व कई स्थानीय पक्षियों के घौंसलों के निर्माण की प्रक्रिया पक्षीप्रेमियों के लिए सुकूनदायी है। शहर में इस बार सभी प्रकार के ईग्रेट्स, बया वीवर, मेक्पाई रॉबिन, वुडपैकर, ओपन बिल स्टार्क्स, रेड वेन्टेड बुलबुल, प्रिनीया, वेबलर, कॉपरस्मिथ सहित कई अन्य पक्षियों के घौंसलों का निर्माण देखा जा सकता है।
250610दवे बताते है कि क्षेत्र में जनमान्यता है कि सुदूर दक्षिण से आने वाला चातक पक्षी मानसून के आगमन का संदेश लाता है परंतु क्षेत्र में प्रचलित मान्यताओं के अनुसार पक्षियों द्वारा नीड़ के निर्माण को देखकर भी इस बार अच्छी बरसात की भविष्यवाणी की जा रही है।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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