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बीएसएफ ने किया सम्मान : रणबांकुरों के सम्मान में आंखें नम

BY — October 21, 2015

शहीदों की शौर्य गाथाओं से प्रेरणा लेने की जरूरत – कटारिया

211007उदयपुर। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि हमारे देश के जवानों ने अपने प्राणों पर खेलकर देश की रक्षा का जज्बा दिखाया उनकी शौर्य गाथाओं से प्रेरणा लेकर भावी पीढ़ी में देश प्रेम जागृत करने की जरूरत है। श्री कटारिया बुधवार को उदयपुर के कविता ग्राम स्थित बीएसएफ की 146वीं बटालियन परिसर में आयोजित बीएसएफ स्वर्ण जयन्ती समारोह एवं शहीद सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

श्री कटारिया ने कहा कि चाहे कारगिल युद्ध हो चाहे भारत-पाकिस्तान के युद्ध, हर समय देश के वीर जवानों ने अपने शौर्य का परिचय देते हुए दुश्मन को करारी हार दिखाई। उन्होंने आतंकवाद पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे देश के जवानों ने जितना बलिदान युद्ध भूमि में नहीं दिया उससे कई अधिक जवानों को हमने आतंकवाद से लड़ते हुए खोया है। आज सभी को एकजुट होकर आतंकवाद का जड़ से खात्मा करने का संकल्प लेने की जरूरत है।
उन्होंने बीएसएफ को पूरे देश का गौरव बताते हुए कहा कि इन्हीं जवानों की बदौलत आम व्यक्ति अमन चैन की नींद सोता है। उन्होंने शहीद परिवारों के सम्मान को सबसे बड़ा सम्मान बताते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए मर-मिटने का मौका भाग्यशाली लोगों को ही मिलता है जो अपने पीछे गौरवमयी इतिहास रच जाते हैं। उन्होंने त्याग और बलिदान को मेवाड़ की परंपरा बताते हुए कहा कि शहादत के प्रसंगों में यहां का नाम सदैव अमर रहेगा। समारोह में सांसद अर्जुन लाल मीणा ने शहीद परिवारों को ऐसे शूरवीरों को जन्म देने एवं देश का गौरव बढ़ाने पर बधाई दी। उन्होंने युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम का जज्बा पैदा करने की जरूरत बताई। उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा कि विद्यार्थी काल में ही बच्चों में राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार किया जाना चाहिए।
बीएसएफ के डिप्टी कमांडेन्ट कमलेश मीणा ने बीएसएफ को विश्व का सबसे बड़ा बल बताते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में सैनिक तन-मन से समर्पित सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बीएसएफ की विभिन्न उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
पांच शहीद परिवारों का सम्मान : मुख्य अतिथि के हाथों पंाच शहीद परिवारों को शॉल ओढ़ा व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान के दौरान शहीद परिजनों सहित हर मौजूद व्यक्ति की आंखें नम हो गई। डिप्टी कमांडेंट कमलेश मीणा ने प्रत्येक शहीद की गौरव गाथा को शब्दों में बयान किया तो सभी ने सम्मान में तालियां बजाई। समारोह में शहीद चित्तौड़गढ़ से नायक रामलाल (7 अगस्त 1993 को शहीद) की धर्मपत्नी श्रीमती रमादेवी को, शहीद जगदीश चन्द्र (3 मई 2002 को शहीद) के पुत्र अजय बिश्नोई, शहीद कालूराम आचार्य(11 मार्च 1991 को शहीद) के भाई प्रभुलाल, उदयपुर के शहीद लक्ष्मणलाल (7 दिसंबर 1996 को शहीद) की माता श्रीमती विजय देवी तथा शहीद तरूण गुप्ता (26 जुलाई 2012 को शहीद) की माता श्रीमती शैला गुप्ता का सम्मान किया गया। समारोह में एमएमपीएस के नन्हे विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय शौर्यगाथा से ओत-प्रोत गीत की स्वरमय प्रस्तुति दी। अंत में आभार बीएसएफ के डीआईजी एम.बी.खान ने जताया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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