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संस्कृति के वाहक है उदयपुरवासी : लोढ़ा

BY — November 8, 2015

081106उदयपुर। झीलों की नगरी से काफी पुराना नाता है। यहां के विवि से डिग्री ली है। यहां के लोगों में जो संस्कृति बचाने व बढ़ावा देने की कला है, वो वाकई कहीं ओर नहीं है। स्मार्ट सिटी इसे बनाना है तो पहले इसकी शुरूआत हमें अपने घर से करनी होगी। लोगों को शहर में साफ सफाई रखनी होगी।

यह कहना था उदयपुर नगर निगम में कार्यक्रम भाग लेने आए कवि व टीवी कलाकार शैलेष लोढ़ा का। लोढ़ा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश का ऐसा संविधान है कि कोई भी व्यक्ति अपनी बात कह सकता है। भारत तो सर्वधर्म का देश है। ऐसे में हमारे देश को असहिष्णु कहना गलत है। आज के दौर में जो लेखक सम्मान लौटा रहे है और देश में असहिष्णुता का माहौल बता रहे है, वो गलत है। ऐसे करने वाले जब हमारे देश में तिरंगा जलाया जाता है तो तब क्यों कोई आगे नहीं आता है। तब सम्मान क्यों नहीं लौटाए जाते है। हाल ही में साहित्यकारों की जो हत्या हुई है वो गलत है।
दुखों के बीच लोगों को हंसाना ही मेरा काम है : आज के दौर में कितनी मुसीबतें हैं और परेशानयिां है, ऐसे में में लोगों को हंसा पा रहा हूं तो यह मेरा खुद किस्मत है। में आगे भी अपने नाटकों के माध्यम से ये काम करता रहूंगा। टीवी के माध्यम से ही इतनी लोकप्रियता मिल रही है, इसलिए फिल्मों के बारे में नहीं सोचा है।
तारक मेहता का हर पात्र खास है : अपने खास सीरियल तारक मेहता का उलटा चश्मा के बारे में बोलते हुए कहा कि इसका हर पात्र खास है चाहे वो जेठालाल हो या नट्टू काका। सीरियल ने अपना 1800 एपिसोड पूरे कर लिए है। लोढ़ा ने कहा कि सीरियल में जल्द ही पोपटलाल की शादी हो सकती है। इसमें राजस्थान का रंग भी शामिल होगा। नटू काका, चंपक चाचा मेरे पसंदीदा करेक्टर है और वैसे सब कैरेक्टर मुझे प्यारे है।
कविता में मेरी आत्मा है : कविता मेरी आत्मा है, इसके लिए में हमेशा प्रयास करता रहूंगा। जिसने भी कविता लिखी है वो हमेशा आगे बढ़ता है। मेरा भी यह प्रयास रहेगा मेरे साथी कवियों को एक मंच उपलब्ध कराउं जिससे वे आगे बढ़ सके। वाह वाह क्या बात से कवियों को एक प्लेटफार्म मिला है।
उदयपुर से मिला मुझे बेहद प्यार : उन्होंने कहा कि मैं जब सन् 1982 में कविता पाठ करने भण्डारी दर्शक मण्डप में बाल कवि के रूप में आया था और उस समय कवि सम्मेलन को जो लोगों को सुनने का उत्साह था, वह अतिरेक में बदल गया था और जब माहौल शांत हुआ तब मुझे कविता पाठ के लिए बुलाया गया और उदयपुर की जनता ने मुझे सुना बल्कि वह प्यार की आज मैं एक अलग मुकाम पर हूं। उन्होंने कहा कि मेरी यादों का सिलसिला उदयपुर से जुड़ा है।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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