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फाल्गुन में बिखरे संस्कृति के रंग

BY — February 24, 2012

udaipur. जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के लोकमान्य तिलक शिक्षक महाविद्यालय डबोक में शुक्रवार को दो दिवसीय फाल्गुन 2012 महोत्सव का रंगारंग आगाज हुआ। पहले दिन राजस्थानी लोक नृत्यों सहित अन्य स्पर्धाओं की धूम रही।

प्राचार्य एवं अधिष्ठाता डॉ. शशि चित्तौड़ा ने समारोह के उद्घाटन समारोह में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर पुरजोर प्रयास करने का आह्वान किया। साथ ही शिक्षा में सह शैक्षणिक गतिविधियों के महत्व को भी समझने पर जोर दिया। सांस्कृतिक समारोह में बीएड, बाल विकास बीएड, एमएड के छात्र-छात्राओं ने केसरिया बालम आवो नी.., मोर बोले रे .., चूड़ी चमके रे.., काळयो कूद पड्यो मेड़े में, इण लहरियो रो, आपो फागुन..आदि गीतों व नृत्यों पर मोहक प्रस्तुति दी। छात्राओं ने विभिन्न रंगों के माध्यम से बालिका शिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या रोकें, बेटियों को पढ़ाओ का संदेश दिया। मेहंदी प्रतियोगिता में भी छात्राओं ने उत्साह दिखाया। फाल्गुन-2012 के समापन पर मुख्य अतिथि मावली एसडीएम लालसिंह देवड़ा होंगे। अध्यक्षता प्रो. दिव्यप्रभा नागर होगी। विशिष्ट  अतिथि मावली प्रधान सुनील ओस्तवाल होंगे। समारोह सुबह 11 बजे होगा।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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