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हिन्दुस्तान जिंक को 1876 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ

BY — July 20, 2017

हिन्दुस्तान जिंक की पहली तिमाही के परिणामों की घोषणा
सीसा-जस्ता धातु उत्पादन में 81 प्रतिशत की वृद्धि

उदयपुर। वेदान्ता समूह की जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक ने आयोजित अपनी निदेशक मण्डल की बैठक में 30 जून को समाप्त पहली तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की।

हिन्दुस्तान जिंक के चेयरमैन अग्निवेश अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही की शुरूआत ही मज़बूती के साथ हुई है। हमारी भूमिगत खदानों का पहली तिमाही में श्रेष्ठ प्रदर्षन रहा है जबकि कंपनी की खनन प्रक्रिया पूर्ण रूप से भूमिगत खदानों पर आधारित है। पहली तिमाही में जस्ता की आपूर्ति में कमी के फलस्वरूप जस्ता कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, उम्मीद है कि कंपनी इस वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।
वित्तीय वर्ष 2018 की पहली तिमाही में 233,000 टन खनित धातु उत्पादन हुआ जो कि गतवर्ष की पहली तिमाही की तुलना में 84 प्रतिशत अधिक है जो तिमाही के दौरान कंपनी की सभी खदानों में उत्कृष्ट जस्ता ग्रेड की प्राप्ति के परिणामस्वरूप संभव हुआ है।
वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के दौरान 194,000 टन एकीकृत जस्ता धातु का उत्पादन
हुआ जो गत वर्ष की तुलना में 91 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इस तिमाही में 35,000 टन बिक्री योग्य एकीकृत सीसा धातु का उत्पादन हुआ जो गतवर्ष की तुलना में 42 प्रतिषत अधिक है। तिमाही के दौरान 115 मैट्रिक टन एकीकृति बिक्री योग्य चांदी का उत्पादन हुआ जो गतवर्ष की तुलना में 30 प्रतिषत की वृद्धि दर्षाता है जो सिन्देसर खुर्द खदान में चांदी की उच्च ग्रेड की प्राप्ति के फलस्वरूप संभव हुआ है।
वित्तीय वर्ष 2018 की पहली तिमाही के दौरान कंपनी ने 4,961 करोड़ रु. का राजस्व अर्जित किया जो गतवर्ष की इसी अवधि की तुलना में 79 प्रतिषत अधिक है। राजस्व में वृद्धि लन्दन मेटल एक्सचेंज में सीसा-जस्ता की कीमतों में लगातार वृद्धि के परिणास्वरूप हुई है। वित्तीय वर्ष 2018 की पहली तिमाही में कंपनी ने 1,876 करोड़ रु. का शुद्ध लाभ अर्जित किया है जो गत वर्ष की पहली तिमाही की समान अवधि की तुलना में 81 प्रतिषत अधिक है।
कंपनी की विस्तार परियोजना के तहत खदानों का विकास कार्य गतवर्ष की तुलना में 82 प्रतिषत तथा चौथी तिमाही की तुलना में 28 प्रतिषत अधिक रहा है। रामपुरा-आगुचा भूमिगत खदान में मैन शाफ्ट परियोजना का कार्य पूर्ण हो गया है जिसे चालू वर्ष की तिमाही में प्रारंभ कर दिया जाएगा।
सिन्देसर खुर्द खदान में मेन शाफ्ट का कार्य पूरा हो गया है जिससे संचालन कार्य की प्रारम्भिक तैयारियां शुरू कर दी है। सिन्देसर खुर्द खदान में 1.5 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता की मिल बनाने का कार्य प्रगति पर है तथा इस वर्ष पूरा कर लिया जाएगा जिससे मिल की कुल उत्पादन क्षमता 5.8 मिलियन टन वार्षिक हो जाएगी। जावर मिल का डी-बोटलनेकिंग के साथ ऊर्जा उत्पादन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना का कार्य प्रगति पर है तथा इस वर्ष की दूसरी तिमाही में पूरा हो जाएगा। फ्यूमर परियोजना का कार्य प्रगति पर है जो वित्तीय वर्ष 2019 के मध्य तक पूर्ण हो जाने की संभावना है।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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