पेसिफिक विश्वविद्यालय में पेसिफिक शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय एवं क्रीडा भारती के तत्वाधान में राष्ट्रीय सेमिनार “खेल सृष्टि में भारतीय दृष्टि “ का आयोजन हुआ | कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रमोद सामर व विशिष्ठ अतिथि प्रो बीपी शर्मा (ग्रुप प्रेसिडेंट पाहेर यूनिवर्सिटी ) एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता वाइस चांसलर पाहेर यूनिवर्सिटी प्रो हेमंत कोठारी ने की। कार्यक्रम कि सुरुआत सरस्वती वंदना एवं सभी अतिथियों के स्वागत के साथ हुई | डॉ हेमंत पंड्या, प्राचार्य , पेसिफिक शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय द्वारा सभी का स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया।

इस अवसर पर सामर ने बताया कि खेल एक विद्यार्थी के जीवन में कितना महत्वपूर्ण है खिलाडी को अपनी मिट्टी से जुड़कर खेल के लक्ष्य तक पहुचना चाहिए उन्होंने मेजर ध्यानचंद का उदाहरण देकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। विशिष्ट अतिथि प्रो. बीपी शर्मा ने कहा कि विश्व का प्राचीनतम स्टेडियम कुरुक्षेत्र में मिला भारत में सभी प्रकार के खेलो का अभ्युदय हुआ | कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. हेमंत कोठारी ने कहा कि आज भारत में उच्च गुणवत्ता वाले कौशल युक्त कोच तैयार होने चाहिए जिससे खिलाडियों का प्रदर्शन अच्छा हो सके और भारत विश्व पटल पर अपने खेल कौशल का अच्छा प्रदर्शन कर सके साथ ही नई शिक्षा नीति 2020 का भी हमें अच्छा ज्ञान होना चाहिए। देवनारायण धायभाई ने क्रीडा भारती का परिचय देते हुए खेल जगत में खेलो कि क्या भूमिका है उसके बारे मे बताया और कहा की हर विद्यार्थी को खेल से जुदा रहना आवश्यक है। क्रीडा भारती के प्रचार प्रमुख श्री शशांक टांक ने परिचय देते हुए कहा कि एक खिलाडी के लिए खेल कितना महत्वपूर्ण है और जीवं को स्वस्थ रखने के लिए सूर्यनमस्कार कि भूमिका महत्वपूर्ण बताई और कहा कि खेल के साथ साथ 20 मिनिट स्वयं के लिए निकाल कर सूर्यनमस्कार करना चाहिए। डॉ जितेन्द्र सिंह चुण्डावत, उप-प्राचार्य पेसिफिक शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी को धन्यवाद् ज्ञापित किया गया और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। इस अवसर पर सभी संकाय सदस्य एवं छात्र उपस्थित थे कार्यक्रम का सञ्चालन कृपा जैन द्वारा किया गया।








