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मृण कला समाज का अभिन्न अंग : शर्मा

BY — May 23, 2012

शिल्पग्राम में मृण कला कार्यशाला ‘आकृति’ प्रारम्भ

उदयपुर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से आयोजित मृण कला कार्यशाला ‘‘आकृति’’ का शुभारम्भ मंगलवार को हुआ। प्रसिद्ध चित्रकार व अकादमी फैलो से सम्मानित सुरेश शर्मा ने मृण पट्टिका पर हाथ से थापा मांडकर कार्यशाला का श्री गणेश किया।

शिल्पग्राम के कला विहार में आयोजित उद्घाटन समारोह में प्रसिद्ध चित्रकार सुरेश शर्मा ने कहा कि मृण कला हमारी कलाओं का प्रमुख आधार नदी घाटी सभ्यता से है। मोहन जोदाड़ो में मिले मृदा भाण्ड तथा अन्य कृतियाँ इस बात के द्योतक हैं कि मृण कला हमारे समाज का अभिन्न अंग रही है। उन्होंने कहा कि मोलेला कला आज विश्व विख्यात है तथा इस पर काफी कार्य करने की गुंजाइश है। कार्यशाला के बारे में शर्मा ने कहा कि इस कला में राग माला का सृजन एक अभिनव प्रयोग होगा।

केन्द्र निदेशक शैलेन्द्र दशोरा ने कहा कि मोलेला टेराकोटा पैनल पर लोक आराध्य देवी-देवताओं के लिये प्रसिद्ध है। कार्यशाला में पैनल पर रागमाला का उत्कीर्णन एक विचार था जिसे साकार 20 दिनों की कार्यशाला मोलेला के मृदा शिल्पी करेंगे। इससे पूर्व केन्द्र निदेशक ने सुरेश शर्मा को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। अतिरिक्त निदेशक फुरकान खान ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि 20 दिवसीय कार्यशाला में राजसमंद के मोलेला के 13 मृण शिल्पकार भाग ले रहे हैं।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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