गायन से ज्यादा फिलहाल पढ़ाई जरूरी : हेमंत

BY — October 19, 2011
मानसी भरद्वाज और हेमंत ब्रिजवासी

उदयपुर. वर्ष २००९ में जीटीवी के सारेगामा लिटिल चैम्प्स का ताज पहनने वाले हेमंत ब्रजवासी का मानना है कि गायन अपनी जगह ठीक है लेकिन फिलहाल तो पढ़ाई करना जरूरी है. हालांकि ऑफर तो खूब हैं, कोशिश भी कर रहे हैं. वे बुधवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. वे यहाँ एक अन्य लिटिल चैम्प मानसी के साथ नगर परिषद की ओर से आयोजित दशहरा-दीपावली मेले में प्रस्तुति देने आये है.
उन्होंने कहा कि हाल ही में विशाल-शेखर की एनिमेशन मूवी में गाना गया है. इसी प्रकार लव बाईट में एक्स फैक्टर की चैम्पियन सीमा झा के साथ भी गाना गया है. अब तो जीवन का उद्देश्य ही गाना हो गया है.

कोई परेशानी नहीं

अगर शो करने जाते हैं तो पढ़ाई कैसे करते हैं? पूछने पर हेमंत का कहना था कि स्कूल से उन्हें विशेष अनुमति मिली हुई है. मैं जब भी जाता हूँ, मेरी पढ़ाई भी हो जाती है और परिक्षा भी ले ली जात है. उम्र से कहीं अधिक मंझे हुए कलाकार की तरह पत्रकारों से बात करते हुए हेमंत ने बताया कि स्कूल में परीक्षा में अब तो टीचर भी कभी चीटिंग करवा देते हैं. क्या चीटिंग करते हैं? इस पर बाल सुलभ मन से हेमंत ने जवाब दिया कि अगर आपके सामने खाना पड़ा हो और भूख हो तो क्या नहीं खायेंगे?
एसएमएस वोटिंग के बारे में पूछने पर उनका कहना था कि कभी-कभी यह ठीक लगता है लेकिन कभी-कभी यह बहुत निराश भी कर देता है. अगर आप अच्छा गाते हैं और जनता से आपको वोट नहीं मिल पाते तो तकलीफ तो होती ही है. वे मुंबई में सारेगामा के संजय विद्यार्थी से गायन सीख रहे हैं.
किसी समय गायक रहे हेमंत के पिता हुकम ब्रजवासी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि आज हेमंत को जिस ऊँचाई पर देखता हूँ तो मुझे गर्व होता है कि वहां पर भी मैं ही हूँ. हेमंत मेरा ही तो नाम है. उन्होंने बताया कि हेमंत को एक दिन गाते हुए सुना तो उसकी गायकी को तराशना शुरू कर दिया.

आलू-गोभी बहुत पसंद

मथुरा से तीन किलोमीटर दूर नौगांव निवासी हेमंत को अपनी मां शशिदेवी की बनाई आलू-गोभी की सब्जी बहुत अच्छी बनाती हैं और इसके साथ चकाचक घी लगाकर रोटी खाना बहुत अच्छा लगता है। इनकी एक बड़ी बहन है, जिसका नाम कविता है।

अब तो है तुमसे

उनके साथ ही प्रस्तुति देने आई मानसी भारद्वाज फिलहाल डॉ. रमा शर्मा से शास्त्रीय संगीत सीख रही है. अपने प्रिय गानों में अपनी माँ का सबसे प्रिय ‘अब तो है तुमसे हर खुशी अपनी’ उन्हें भी बहुत पसंद है. अपना आदर्श लता मंगेशकर, आशा भोंसले और श्रेया घोषाल को मानती है. उन्होंने ‘मारुती मेरा दोस्त’ में अरमान मालिक के साथ गीत गए हैं. आई एम कलाम में भी उन्होंने अपनी आवाज़ दी है.
मानसी भारद्वाज वाईस ऑफ इंडिया छोटे उस्ताद के टॉप-9, चक दे बच्चे के टॉप 4 व उस्तादों के उस्ताद के सेमीफाईनल में पहुंच कर अलग मुकाम बनाया. उन्होंने बताया कि वे मूलत:  दिल्ली निवासी हैं. दसवीं मे पढऩे वाली मानसी अब तक कई विदेशों में शो कर चुकी है। भारती को संगीत के लिए प्रेरणा उनके पिता की कंपनी में आयोजित फैमेली डे प्रोग्राम में एक बाल कलाकार को कैसियों बजाते देखकर मिली. उनकी माता इंदुबाला ने उन्हें प्रोत्सहन दिया. उनके पिता हरिओम भारद्वाज न्यू हॉलैंड ट्रेक्टर्स कंपनी में कार्यरत है। छोटे उस्ताद के टॉप 9 में आने के बाद जब वे वापस स्कूल में गई तो अध्यापकों के अलावा वहां के बच्चों का अपनी रूप बदला देख उन्हें भी आश्चर्य हुआ। उनकी कक्षा के बाहर कई बच्चे ओटाग्राफ के लिए खड़े रहते और उनसे मिलने के लिए खड़े रहते यह सब देख उन्हें काफी अच्छा लगता था.

दीवाना ग्रुप

दीवाना ग्रुप ने एक्स फैक्टर में टॉप 5 तक पहुंच कर शहर का नाम रोशन किया है. शो से पहले छोटे-मोटे स्टेज शो करने वाला यह ग्रुप अब आसमान की बुलंदियों पर है। ग्रुप में उदयपुर के शाहनवाज, अशोक गंधर्व व आसिफ, चित्तौड़ के अहसान, रतलाम के मोहम्मद रफीक, जावरा के महबुब खान, आगरा मालवा के हनीफ अंसारी शामिल है। शाहनवाज ने इससे पूर्व फिल्म दो बूंद सहित कई राजस्थानी फिल्मों के लिए गाया है। हाल ही में रावडी फिल्म में संजय लीला भंसाली के साथ उन्होंने अपनी प्रस्तुति दी है.
ग्रेट इंडिया लाफ्टर शो पार्ट-3 के सेमिफाइनलिस्ट दीपक सैनी मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले है। बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि वे पहली बार उदयपुर आए है। उन्होंने बताया कि दिल्ली से लाफ्टर शो में जाने वाले वह पहले व्यक्ति है। देश के साथ ही उन्होंने अब तक विदेशों में कई स्टेश शो प्रस्तुत कर चुके हैं। दीपक स्टैंड कामेडी, मिमिक्री करते है।

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *