पर्यावरण एवं अपशिष्ट प्रबन्धन मुद्दों पर मंथन

BY — October 21, 2011

खनिज विशेषज्ञों का सम्मेलन

सम्मेलन को संबोधित करते एक्सपर्ट.

उदयपुर. खनिज विशेषज्ञों के तीन दिवसीय १२वें अंतर्राष्टीय खनिज प्रसंस्करण प्रौद्योगिक—२०११ सम्मेलन में विश्व के विभिन्न देशों से खनिज विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों ने दूसरे दिन शुक्रवार को पर्यावरण एवं अपशिष्ट प्रबन्धन मुद्दों पर गहन मंथन किया गया. विशेषज्ञों ने सम्मेलन के दूसरे दिन, किस प्रकार पर्यावरण को संरक्षित किया जाए तथा किस प्रकार से खदान अपशिष्ट का उपयोग किया जाए इन विषयों पर विचार प्रकट किये. सम्मेलन उदयपुर के होटल इन्दर रेसीडेंसी में हो रहा है.

सम्मेलन में मंचासीन अतिथि.

प्रथम सत्र में हिन्दुस्तान जिंक के डॉ. के. डी. शर्मा ने अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों पर एक परिदृष्य प्रस्तुत किया। प्रो. कैरि हैसकन्न ने मेकेनिकल प्लवनतशीलता सेल, उपयोगिता और पैमाने पर प्रस्तुति दी. प्रो. एस. के. शर्मा ने आज के परिवेश की स्थिति पर कार्बन डाइऑक्साइड के लिए नियंत्रण एवं भण्डारण पर दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। प्रो. सेरिगियो केस्ट्रो ने चिली द्वारा समुद्र के पानी की उपयोगिता में सल्फाइड ब्न.डव अयस्क प्लवनतशीलता पर प्रस्तुत किया। खनिज प्रतिभागिता की फ्लोक्यूलेशन में हाइड्रोफोबिया पर प्रो. वियाडिमायर विग्देरगाज ने अपने शोध पत्रवाचन किये. मध्याह्न सत्र में कार्पोरेट सत्र का आयोजन किया गया.
सम्मेलन में पहले दिन शाम को प्रतिनिधियों के लिए भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें राजस्थानी कलाकारों द्वारा रंगारंग राजस्थानी डांस, राजस्थानी गीत एवं जुगलबंदी का आयोजन किया गया.

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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