पर्यावरण बचाते हुए खनिजों का दोहन हो : जाट

BY — October 22, 2011

खनिज विशेषज्ञों का तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

एमपीटी के अंतिम दिन समापन समारोह में मंचासीन मुख्य प्रचालन अधिकारी अखिलेश जोशी, वन मंत्री रामलाल जाट एवं खान विभाग के निदेशक अजिताभ शर्मा.

उदयपुर. राज्य के खान, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रामलाल जाट ने खनिज विशेषज्ञों के तीन दिवसीय १२वें अंतर्राष्टीय खनिज प्रसंस्करण प्रौद्योगिक—२०११ सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि देश में खनिजों का दोहन ऐसे हो कि पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे. उन्होंने कहा कि खनिज प्रसंस्करण सम्मेलन में देश—विदेश के खनिज विशेषज्ञों ने गहन मंथन किया और उसका लाभ खनिज उद्योगों को अवश्य मिलेगा। अंतर्राष्टीय सेमीनारों से नई तकनीको के उपयोग की जानकारी मिलती है और खनिजों के दोहन में सहयोग मिलता है. राजस्थान में खनिजों का दोहन सदियों से होता आ रहा है. उन्होने कहा कि हिन्दुस्तान जिंक का राजस्थान एवं भारत सरकार दोनों को राजस्व के रूप पर्याप्त योगदान है.
udaipur जिला कलेक्टर हेमन्त गेरा ने कहा कि खनिज उद्योग आसपास के क्षेत्र को पर्यावरण से सुरक्षित रखें और अपशिष्ट का अधिक से अधिक उपयोग करें ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे.
खान एवं भू विज्ञानं विभाग के निदेशक एवं राजस्थान स्टेट माइन्स एण्ड मिनरल्स लि. के प्रबंध निदेशक अजिताभ शर्मा ने कहा कि राजस्थान राज्य में खनिजों के प्रचुर भण्डार है जिनका दोहन उचित रूप से होना चाहिए. हिन्दुस्तान जिंक नयी तकनीकों से खनिजों का दोहन करते हैं. दूसरे उद्योगों को भी नई तकनीकी से खनिजों का दोहन करना चाहिए.

पहला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट शीघ्र उदयपुर में : जोशी

हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य प्रचालन अधिकारी अखिलेश जोशी ने अतिथियों का अभिवादन किया और कहा कि  आज तीन दिवसीय सम्मेलन का अंतिम दिन है। गहन चिन्तन और मंथन परिपूर्ण तीन दिनों में सभी विषयों पर गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों के खनन से संबंधित प्रक्रिया एवं विकास पर चिन्तन से निश्चित तौर पर खनन उद्योगों को लाभ पहुंच रहा है। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देकर, तथा अपने समाज की उन्नति को ध्यान में रखकर, खनन करते हैं। समय के साथ—साथ विश्व में खनन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। देश की अर्थव्यवस्था, विकास एवं रोजगार के क्षेत्र में खनन कंपनियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. केवल खनन उद्योग ही मात्र एक ऐसा उद्योग है जिससे इन दूरदराज गांवों में भी बदलाव आ रहा है. हिन्दुस्तान जिंक राजस्थान में अपने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग १८० गांवो के पांच लाख से अधिक लोगों से जुड़ा है। उनके सामाजिक उत्थान एवं आर्थिक विकास को हमने दिल से अपनाया है। आज इन गांवों में मूलभूत सुविधाएं हैं तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार तथा महिला—सशक्तिकरण के क्षेत्र में ये गांव अग्रणीय है । हम उदयपुर में पहला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट स्थापित करने की ओर अग्रसर है. राजस्थान सरकार के सहयोग से यह प्लान्ट उदयपुर सीवरेज को ट्रीट करके ना सिर्फ जल संरक्षण करेगा, बल्कि ही कृषि उपयोग के लिए महत्वपूर्ण उर्वरक भी उपलब्ध करायेगा। आज खनन उद्योग एक संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। यह जरूरी है कि आम जनता खनन प्रक्रिया को तथा इस प्रक्रिया में उपयोग की जानी वाली अंतर्राष्ट्रीय तकनीक को समझे व जाने. आज की खनन प्रक्रिया वैज्ञानिक है। यह भी जानना जरूरी है कि खनिजों का उपयोग किसी भी देश की सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है. हिन्दुस्तान जिंक के अधिशासी निदेशक सुनील दुग्गल ने अतिथियों का स्वागत कर सम्मेलन की सफलता की सभी को बधाई दी.
१२वां अन्तर्राष्ट्र्रीय खनिज प्रसंस्करण प्रौद्योगिक सम्मेलन (एमपीटी—२०११) वेदान्ता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक की मेजबानी में भारतीय खनिज अभियांत्रिकी संस्थान (आई.आई.एम.ई.) के संयुक्त तत्वावधान में २० से २२ अक्टूबर, २०११ तक होटल इन्दर रेजीडेन्सी उदयपुर में हुआ. संचालन गीताजंलि प्रसाद ने किया.
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