शिक्षा का प्रसार लेकिन शोध में और जरूरत : पाटील

BY — December 22, 2011

सुविवि का 19 वें दीक्षांत समारोह में राज्‍यपाल ने

दीक्षांत समारोह में उपाधि प्रदान करते राज्‍यपाल।
समारोह को संबोधित करते राज्‍यपाल पाटील।
समारोह में मौजूद शोधार्थी व गणमान्‍य नागरिक।

udaipur. किसी भी विश्वविद्यालय के विकास के लिए इतिहास, वर्तमान और भविष्‍य के समय चक्र में समन्वय होना आवश्य्क है। अतीत जड़ है, वर्तमान तना और भविष्यि फल, फूल एवं नव उत्पाद के लिए तैयार विशिष्ट् बीज हैं। उन्होंने कहा कि हमारे विश्वविद्यालयों में नियमित रूप से शिक्षा का प्रसार तो हो रहा है लेकिन शोध व समाजोपयोगी कार्य में अभी वांछित गति नहीं मिल पाई है।
ये विचार राज्यपाल एवं मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति शिवराजसिंह पाटील ने विश्वविद्यालय के 19 वें दीक्षांत समारोह में व्यक्त किए। अधिकतर स्वर्ण पदक और डिग्री छात्राओं को प्राप्त होने की सराहना करते हुए उन्होंने छात्राओं को शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने पर भी जोर दिया।
विश्वविद्यालय प्रबंधकों को अनुसंधान एवं विकास पर ध्यान केन्द्रित करना होगा तभी हम देश को विश्व में अग्रणी बना सकेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षाविदों को चाहिये कि वे विश्व में उपलब्ध ज्ञान के भण्डार को इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों जैसे सेटेलाइट एवं टीवी चेनलों के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाएं।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधकों से कहा कि वे शिक्षा की गुणात्मकता पर विशेष ध्यान दें और उसके लिये विश्वविद्यालयों में लेबोरेट्री, पुस्तकालयों का विस्तार, इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता हो। राज्यपाल ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे विश्वविद्यालयों से शिक्षा प्राप्त कर स्वयं स्वावलंबी बनने के साथ अपने ज्ञान और शिक्षा से समाज के आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में पूरा योगदान दें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जो विद्यार्थी पुस्तकें पढकर विश्वविद्यालय की परीक्षा पास करने में सफल रहे वे जीवन की परीक्षा में भी सफल होंगे।
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. आई. वी. त्रिवेदी ने प्रतिवेदन में कहा कि हाल ही विश्वविद्यालय द्वारा 27वां पश्चिमी क्षेत्र अन्तरविश्वविद्यालयी युवा महोत्सव का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय में केन्द्रीय खेल एवं युवा मंत्रालय द्वारा मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स की स्थापना, हेरीटेज पाइंट अहमदाबाद द्वारा 100 करोड की लागत से संग्रहालय की स्थापना, रामानुजन ट्रस्ट चेन्नई द्वारा सेन्टर फॉर एक्सीलेंसी की भी शीघ्र स्थापना की जाएगी । संचालन रजिस्ट्रार एल. एन. मंत्री ने किया।
समारोह में 27 स्वर्ण पदक एवं 41 पीएच.डी उपाधियों से नवाजा गया। इस अवसर पर जिला कलक्टर हेमन्त कुमार गेरा, संकाय अध्यक्ष, प्रबंध मंडल एवं शैक्षणिक परिषद् के सदस्य, कृषि विश्वीविद्यालय के कुलपति प्रो. एस. एस. चाहल, राजस्थान विद्यापीठ की कुलपति प्रो. दिव्यप्रभा नागर सहित शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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