विवाहोत्सवों में भावनाएं कम, पाखण्ड ज्यादा

BY — January 25, 2012

श्रीराम-जानकी विवाह प्रसंग में बोले बाल सन्त प्रियांशु

udaipur. महाकालेश्वर मन्दिर प्रांगण में श्री दक्षिण मुखि मंशापूर्ण हनुमान मन्दिर प्रांगण में आयोजित श्रीराम कथा में नौ वर्षीय बाल सन्त श्री प्रियांशु महाराज ने गुरूवार को बड़े ही मार्मिक ढंग से भगवान श्री राम-जानकी विवाह का प्रसंग सुनाया। इस दौरान श्रीरामभक्तों ने भी झूमते- नाचते और गाते हुए विवाह प्रसंग को कथा स्थल पर जीवन्त बनाने का प्रयास किया। इस दौरान कन्यादान स्वरूप गौ-ग्रास दान किया।
बाल सन्त ने कहा कि भगवान श्रीराम- जानकी विवाह अत्यन्त ही सादगी पूर्ण हुआ था।

आज विवाहों में पैसा पानी की तरह बहाया जाता है, जिसका कोई अर्थ नहीं है। आज के विवाहोत्सवों में भावनाएं कम और पाखण्ड ज्यादा है। सन्त ने कहा कि विवाह हमेशा सादगी से भरा होना चाहिये। अगर आपके पास धन हैं तो उसे कमजोर और गरीब तबके के कल्याण में लगाना चाहिये, जिससे परमात्मा भी प्रसन्न होता है। उन्होंने उपस्थित भक्तों से कहा कि गरीब रोता है तो समझो परमात्मा रो रहा है। गरीब की सेवा ही परमात्मा की सेवा है। भारत गांवों और गरीबों का देश है। गरीबों की सेवा करने धनाढ्य वर्ग को आगे आना चाहिये।
सन्त ने कहा कि प्रत्येक मानव को गौ-सेवा जरूर करना चाहिये। उन्होंने समाज को पाखंड और दिखावे से बचने की सलाह देते हुए कहा कि राम चरित मानस को सुनना ही पर्याप्त नहीं है, जब तक यह हमारे हृदय में नहीं उतरेगी और स्वयं का चरित्र राम जैसा नहीं बनेगा तब तक न तो स्वयं का कल्याण सम्भव है और न ही आपके हाथों किसी गरीब का भला सम्भव है।
इससे पूर्व व्यासपीठ की पूजा-अर्चना मेलड़ी माता के महन्त वीरमदेवजी महाराज, महन्त राधिका शरणजी महाराज, महन्त निर्गुणरामजी महाराज, रोकडिय़ा हनुमानजी के महन्त बजरंगी बापू  महाराज के साथ में यजमान जी.एस. इन्दोरिया, देवेन्द्र- रोशलाल नागदा ने की। सन्तों और अतिथियों का स्वागत अभिनन्दन मण्डल के मांगीलाल यादव, जगदीश सिकलीगर, दुर्गेश शर्मा तथा प्रवीण शर्मा द्वारा किया गया।

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *