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‘भगवान की पूजा के लिए रिश्तों को मानवीय दृष्टिकोण से पूजें’

BY — January 27, 2012

सर्वधर्म सम्मेलन

नेहरू युवा केन्द्र की ओर से आयोजित राष्टीय एकता शिविर में साम्प्रदायिक सौहार्द व सामाजिक समरसता में युवाओं की भूमिका विषय सम्मेलन में को राष्ट्रीय एकता सम्मान से सम्मानित अतिथिगण

udaipur. सर्वधर्म मैत्री संघ के अध्यक्ष फादर नोबार्ट हरने ने कहा कि जीवन में प्रकाश रिश्तों की विश्वसनीयता से आता है। किसी भी धर्म के भगवान को अगर पूजना है तो मानवीय दृष्टिकोण से रिश्तो से पूजना होगा। अगर रिश्तो में आयी खटास को हम ने मिटा दिया तो सामाजिक समरसता का भाव स्वत: ही समाज में फैल जाएगा।
सर्वधर्म मैत्री संघ के अध्यक्ष फादर नोबार्ट बुधवार को नेहरू युवा केन्द्र की ओर उदयपुर में चल रहे राष्ट्रीय एकता शिविर के चौथे दिन आयोजित सर्वधर्म सभा के माध्यम से साम्प्रदायिक सौहार्द व सामाजिक समरसता में युवाओं की भूमिका विषय पर आयोजित सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।

इस सम्मेलन में भारत सरकार के खेल व युवा मन्त्रालय की ओर से देश के विभिन्न 6 प्रान्तों के विभिन्न जिलों से आये करीब 150 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
जनार्दन राय नागर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता अनुसंधान प्रो आर एन व्यास ने कहा हे कि भारत देश एकता व अखण्डता की मिसाल है तथा इसे कोई ताकत और कोई भी शक्ति अलग नहीं कर सकता है। देश को सामाजिक समरसता से जोडऩे व आपसी साम्प्रादियक सौहार्द मे बांधे रखना का कार्य युवाओं का है और इसे युवाओं को प्रतिदिन समय देकर पूरा करना आवश्यक है।
सामाजिक कार्यकर्ता मनोहर लाल सरूपरिया, सिख समुदाय के प्रतिनिधि डॉ सुजानसिंह छाबडा, अधिवक्ता व पत्रकार हरीश पालीवाल आदि ने कहा कि भारत देश रंगो, सांस्कृतिक विरासत, अनेकता में एकता लिये हुये और इसकी वजह से आज समूचा विश्व इस देश की ओर निगाहे लगाये हुये है तो ऐसे में प्रत्येक युवाओं का दायित्व इसी अखण्डता को बनाये रखने का बन जाता है । उन्होंने उदयपुर में साम्प्रदायिक सौहार्द के लिये कराये गये कार्यो पर प्रकाश डाला।
अध्यक्षता करते हुये एश्र्वया कॉलेज की अधिष्टाता प्रो विजयलक्ष्मी चौहान ने कहा कि भारत एक मात्र ऐसा देश है जहां संस्कारों पूजा होती है,और जातिवाद से ऊपर उठ कर मानवीय मूल्यों और संव्यवहार को दिल से निभाया जाता है । हमारा देश किसी भी रूप से मजहबों के रूढ़ीबादी सोच मे बंध नही सकता है। यहां पड़ौसी, गहरा दोस्त, आने वाले को अतिथि देवो भव: के रूप में पूजा जाता है । सम्मेलन में प्रो विजयलक्ष्मी चौहान ने सभी अतिथियों का शाल ओढाकर व केन्द्र के समन्वयक पवन अमरावत ने माला पहनाकर राष्ट्रीय एकता सम्मान से सम्मानित किया। नेहरू युवा केन्द्र के समन्वयक पवन अमरावत ने राष्ट्रीय एकता शिविर के उपोदयता पर प्रकाश डाला तथा देश भर से आये युवाओं का परिचय दिया। संचालन हरीश पालीवाल ने किया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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