तकनीकी संस्थाओं से उद्योगों के अनुरूप आएं युवा

BY — January 31, 2012

विद्या भवन पॉलीटेक्निक में सेमिनार

रबर टेक्नोलोजी विभाग का उद्घाटन

मंचासीन अतिथि।

udaipur. तकनीकी शिक्षा मंत्री रामकिशोर सेनी ने कहा कि तकनीकी संस्थाओं से प्रशिक्षित होने वाले युवा उद्योगों की आवश्याकता के अनुरूप तैयार हो, इसके लिए उद्योग जगत तथा संस्थाओं को मिलकर प्रयास करने होंगे। वे यहां विद्या भवन पॉलीटेक्निक में आयोजित सेमिनार में को संबोधित कर रहे थे। राज्य सरकार विद्या भवन पॉलीटेक्निक के इस मॉडल को राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए अध्ययन करवाएगी।

नई प्रयोगशाला का उदघाटन करते अतिथि।

पूर्व विदेश सचिव जगत मेहता ने कहा कि सामाजिक संवेदना व तकनीकी श्रेष्ठ्ता से ही समाज समृद्ध बन सकता है। उन्होंने इस संदर्भ में सरकार, उद्योग जगत तथा नागरिक समाज के गतिशील समन्वय की जरूरत बताई। कार्यक्रम में वास्तुविद् बी.एल.मंत्री, यूआईटी के अभियन्ता अनिल नेपालिया, पीडब्ल्यूडी के अशोक शर्मा, टेक्नोएनजेआर के निदेशक आर. एस. व्यास, पेसिफिक इन्स्टीटयूट के निदेशक ए. के. एरन, के. के. छाबडा, उद्योगपति अनिल गोधा, के. एस. मोगरा, संतोष अग्रवाल, गिर्वा के पूर्व उपप्रधान दयालाल चौधरी, युवा समाजसेवी भरत आमेटा, विजय चौधरी सहित नगर के प्रमुख उद्योगपति तथा तकनीकी संस्थाओं के निदेशक उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि सांसद रघुवीरसिंह मीणा थे, जबकि अध्यक्षता उद्योगपति अरविन्द सिंघल ने की। विशिष्ठी अतिथि पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया थे।
सेमिनार से पूर्व मंत्री सैनी, सासंद रघुवीर मीणा, उद्योगपति अरविन्द सिंघल, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया ने नवस्थापित रबर टेक्नोलोजी विभाग तथा एआईसीटीई द्वारा प्रायोजित नवीन कम्प्यूटर प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। संचालन प्राचार्य अनिल मेहता ने किया तथा धन्यवाद विद्या भवन के व्यवस्था सचिव एस. पी. गौड ने दिया।
ग्रामीण विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन
सांसद रघुवीर मीणा तथा पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया ने विद्या भवन पॉलिटेक्निक द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित सामुदायिक विकास कार्यक्रमों का अवलोकन कर ग्रामीण विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। सेमिनार में अरविन्द सिंघल ने कहा कि उद्योग जगत तकनीकी शिक्षण संस्थाओं के पाठ्यक्रमों को आधुनिक बनाने में हरसम्भव मदद के लिए तैयार हैं। सम्पूर्ण राज्य में इस तरह के पाठ्यक्रमों के निर्माण में विद्या भवन पॉलिटेक्निक व उद्योगों के चुनिन्दा विशेषज्ञ राज्य सरकार की इस दिशा में हरसम्भव सहायता के लिए तैयार हैं।
अनिल शाह ने कहा कि निर्माण प्राद्यौगिकी क्षैत्र के बडे उद्योग तकनीकी पाठ्यक्रमों से सीधे जुड सकते हैं, इसके लिए प्रयास होने चाहिए। सुकेतदास गुप्ता ने कहा कि जे. के. टायर ग्रुप देश की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं मे मदद कर रहा हैं एंव समुह आगे भी सहयोग के लिए तत्पर है।
के. एस. मोगरा ने कहा कि  राज्य सरकार उद्योग जगत, विद्या भवन के विशेषज्ञों तथा सरकार के प्रशासनिक अधिकारियो का एक कार्य समूह बनाकर उद्योग-संस्था सहभागिता के विभिन्न आयामो पर कार्य योजना तैयार करें ताकि राजस्थान इस पहल मे देश में अग्रणी बन सके। अशोक शाह ने कहा कि पवन उर्जा तथा सौर उर्जा के क्षेत्र में आई.टी.आई, पॉलिटेक्निक, इन्जीनियरिंग संस्थाओं के स्तर पर प्रभावी पाठ्यक्रम बनाने चाहिए। के. पी. सिंह ने कहा कि हर तकनीकी संस्थान मे एक रूरल टेक्नोलोजी सेन्टर की स्थापना होनी चाहिए।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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