हिन्दुस्तान जिंक के कावडिय़ा को राष्ट्रीय भू—विज्ञान पुरस्कार

BY — February 18, 2012

भारत सरकार ने दिया उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार

udaipur. वेदान्ता समूह की जस्ता—सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक के महाप्रबन्धक नरेन्द्र कुमार कावडिय़ा को भू—विज्ञान एवं खनिजों की खोज तथा इससे जुड़े क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए वर्ष 2010 का राष्ट्रीय भू—विज्ञान पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार लोकसभा अध्‍यक्ष मीरा कुमार ने विज्ञान भवन, दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान किया।

केन्द्रीय खान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनशा जे. पटेल खान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं अतिथिगण उपस्थित थे। कावडिय़ा ने नवाचारित अन्वेषण रणनीति को अपनाते हुए एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली के मानकों का प्रयोग करते हुए, सघन फील्ड सर्वेक्षण, वेधन तथा भूमिगत खदानों से प्राप्त सूचनाओं को आधार बनाते हुए, सीसा—जस्ता संसाधनों की उल्लेखनीय खोज की तथा दुनिया के जस्ता—सीसा खनिज मानचित्र पर भारत को विश्व के प्रथम चार देशों में शामिल करने में एक अपूर्व योगदान दिया है।

उल्‍लेखनीय है कि कंपनी की संपोषणीय प्रगति एवं विकास के लिये समन्वेषण के जरिये आरक्षित खनिज भण्डार एवं खनिज संसाधनों का विस्तार करना कंपनी की रणनीति है। कंपनी के लगातार चल रहे समन्वेषण कार्यकलापों के फलस्वरूप अयस्क भण्डारों एवं संसाधनों में वृद्धि हुई है। 31 मार्च, 2011 को कुल संसाधन एवं आरक्षित अयस्क भण्डार 313.2 मिलियन टन है, जिसमें 34.7 मिलियन टन जस्ता—सीसा धातु एवं 885 मिलियन आऊंस चाँदी विद्यमान है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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