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गेहूं के बाद सोयाबीन के भी रिकार्ड उत्पादन की संभावना

BY — June 18, 2012

देश में राजस्थान का तीसरा स्थान

कटाई के समय सोयाबीन 2900-3100 रूपये रहने की संभावना

उदयपुर। सोयाबीन उत्पादन में भारत विश्वर में पांचवा स्थान रखता है। राजस्थान में वर्ष 2011-12 में सोयाबीन की 8.97 लाख हैक्टेयर के साथ 13.85 लाख टन रिकार्ड उत्पादन होने का अनुमान है।

इसी समय में भारत में सोयाबीन का क्षेत्रफल एवं उत्पादन क्रमश: 9.33 मिलियन हैक्टेयर व 10.5 मिलियन टन का अनुमान है।सोयाबीन खरीफ मौसम की मुख्य तेलीय फसल है जिसका कृषित क्षेत्र दक्षिणी पश्चिमी मानसून पर आधारित है। राजस्थान का भारत में सोयाबीन उत्पादन में तीसरा स्थान है।
राजस्थान में सोयाबीन का उत्पादन उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाडा, प्रतापगढ़, चित्तौडगढ़ व भीलवाडा जिलों में होता है अत: किसान समुदाय तक बुवाई संबंधित निर्णय लेने हेतु जानकारी पहँुचाने के लिए महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वंविद्यालय की राष्ट्रीय कृषि नवोन्मेषी परियोजना, कृषि अर्थशास्त्र एवं प्रबंधन विभाग में कार्यरत है। कृषकों तक मूल्य पूर्वानूमान पहुँचाने के लिए किए गए शोध में आगामी सोयाबीन फसल की संभावित कीमत का पूर्वानुमान लगाया गया है। वर्तमान समय में कोटा मण्डी में सोयाबीन का भाव रूपये 3300—3400 प्रति क्विंटल के लगभग है। तथा इस वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी रूपये 550 प्रति क्विंटल की बढोतरी कर रूपये 2200 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। अर्थशास्त्र एवं प्रबंधन विभाग की ऐमिक टीम ने गत बारह वर्षों के बाजार भाव के आंकडों को एकत्रित करके अर्थमितीय विश्लेगषण से यह अनुमान लगाया गया है कि सोयाबीन की कीमत सितम्बर-अक्टुबर 2012 (कटाई उपरान्त) में 2900 से 3100 रुपए प्रति क्विंटल रहने की संभावना है। कटाई के समय सोयाबीन तेल की आयात—निर्यात नीति भी बाजार भाव को प्रभावित कर सकती है।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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