सामाजिक उद्देश्यों के लिए भी हो कैमरे का इस्तेमाल- श्रीपाल

BY — September 3, 2012

udaipur. वरिष्ठ पत्रकार श्रीपाल शक्तावत ने कहा कि पत्रकार के लिए परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है और उसे अपनी दक्षता बढाने के लिए सतत अभ्यास और प्रयास करते रहना चाहिए। इसी परिश्रम के जरिए वह लोकतन्त्र के चौथे स्तम्भ का मजबूत हिस्सा बन पाएंगे।

शक्तावत रविवार को सुखाडिया विश्वोविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के पत्रकार से मिलिए कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि अब पत्रकारिता का क्षेत्र और अधिक व्यापक और प्रभावी हो गया है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लागिंग के जरिए अब अपनी आवाज अधिकाधिक लोगों तक पहुचाई जा सकती है। आमिर खान के शो सत्यरमेव जयते के पहले एपिसोड के पहले अतिथि के तौर पर अपने अनुभवों को भावी पत्रकारों के साथ बांटते हुए उन्होंहने कहा कि उनके द्वारा कन्या भ्रूण हत्याओं के खिलाफ किए गए स्टिंग आपरेशन और खबर चलने के बाद हुए असर का इस अपराध को मिटाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान रहा। आमिर ने शो पर बुलाकर इस काम की सराहना की और उनसे कहा कि वे तो पर्दे के हीरो है लेकिन आप असली और आम जनता के हीरो है। आमिर का पहला शो कन्या  भ्रूण हत्या पर ही आधारित था। श्रीपाल शक्तावत के आग्रह पर ही आमिर जयपुर आए और कन्या भ्रूण हत्या पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की थी।
विद्यार्थियों के सवालों के जवाब में श्रीपाल शक्तावत ने कहा कि पत्रकारिता का पेशा बेहद जिम्मेदारी और चुनौतियों से भरा है। हर कदम पर मुश्किलें आती है। इन सबका मुकाबला करते हुए पत्रकार को आगे बढते रहना चाहिए। टीवी पत्रकारिता के वर्तमान चलन के बारे में उन्होंने कहा कि टीआरपी के लिए नाग नागिन और भूतप्रेत की घटनाओं से बाहर निकल कर पत्रकारों को कैमरे का उपयोग सामाजिक उद्देश्यों  के लिए भी करना चाहिए ताकि गरीब, दलित और वंचित वर्ग को उनका हक दिलाया जा सके। पत्रकारिता विभाग के प्रभारी डा कुंजन आचार्य ने शक्तावत का स्वागत किया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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