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झील संरक्षण पर वार्ता

BY — September 21, 2012

udaipur. उदयपुर की झीलें इन्द्रदेव की शहर को सौगात है, जो सीवरेज, जलकुम्भी, हाईड्रिला क्रोकोडायल घास एवं कचरे से अटा पड़ा है। उस तरफ तुरंत ही प्रशासन  को ध्यान देने की जरुरत है।

समय रहते कुम्हारिया तालाब पर सफाई का कार्य नहीं करवाया गया तो संभव है इससे स्वरुप सागर और पिछोला भी प्रभावित होंगे। ये विचार डॉ. मोहनसिंह मेहता मेमोरियल की ओर से आयोजित वार्ता में वक्तातओं ने व्यक्त किए।
झील संरक्षण समिति के सचिव डॉ. तेज राजदान एवं सह सचिव अनिल मेहता ने कहा की इस समय झीलें भरी हैं। चांदपोल नागरिक समिति के अध्यक्ष तेजशंकर पालीवाल ने कहा कि गणेश प्रतिमा विसर्जन को देखते हुए प्रशासन और जनता को यह सुनिश्चित करना जरुरी होगा कि झीलों में प्रतिमाओ के विसर्जन को रोका जा सके। संयोजन ट्रस्ट सचिव नन्द किशोर शर्मा ने किया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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