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क्या सामान फेंकने के बाद खाली करते कार्यालय?

BY — September 30, 2012

विरोधी गुट के धरना देने पर कहा जिलाध्यक्ष ने

udaipur. शहर कांग्रेस में एक बार फिर माहौल गर्मा गया है। कांग्रेस कार्यालय उसके असल मालिक को सौंप देना जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाडि़या विरोधी गुट को पसंद नहीं आया और शनिवार को विरोधी गुट के लोगों ने देहलीगेट स्थित शांति आनंदी स्मारक के पास धरना दिया।

उधर सुखाडि़या ने कहा कि उक्तं भवन की न तो किराया चिट्ठी थी और न ही किसी तरह के कोई कागजात। यह सिर्फ भवन मालिक की भलमनसाहत थी जो उन्होंने भवन दिया हुआ था। अगर अभी उनके चाहने पर खाली नहीं करते तो फिर जिस तरह पूर्व में कार्यालयों से सामान फेंककर खाली करवाया गया, उसी प्रकार खाली करना पड़ता जो कांग्रेस के लिए बेहद शर्मनाक बात होती।
एआईसीसी में अपने रसूखात से पीसीसी के माध्यम से शहर जिला कार्यकारिणी भंग करवाई। सुखाडि़या का कहना है कि कार्यकारिणी जबरन बनाकर थोप दी गई थी जिसमें सब अपनी मनमानी कर रहे थे। न तो उन्हें खुद किसी मीटिंग की जानकारी दी जाती और न ही बुलाया जाता था।
इनका आरोप है कि जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया ने भवन मालिक से दस लाख रुपए लेकर भवन खाली किया। उधर सुखाडि़या का कहना था कि किसी से अगर कोई चीज उधार ली हुई है तो उसके वापस मांगने पर उसे देना इंसानियत है। उधर पीसीसी चीफ चन्द्रीभान ने शहर जिलाध्येक्ष से शहर में हो रहे बवाल और विरोधी गुट के लोगों द्वारा दिए जा रहे धरने के बारे में रिपोर्ट मांगी है।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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