अहिंसा कायर नहीं, वीरों का धर्म: सुकुमालनन्दी

BY — October 3, 2012

udaipur. आज जहां चारों तरफ तनाव का माहौल है। देश महंगाई, बेरोजगारी आदि अनेक समस्याओं से झुलस रहा है। ऐसे समय में भगवान महावीर और महात्मा गांधी के सिद्धान्त ही प्रासंगिक हैं। हिंसा से अहिंसा रूपी अग्रि कभी बुझ नहीं सकती। उसके लिए अहिंसा रूपी शीतल जल से आग बुझानी पड़ेगी।

उक्त उद्गार आचार्य सुकुमालनन्दी ने सेक्टर 11 स्थित आदिनाथ भवन में आयोजित विशाल धर्मसभा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के लिए व्यक्त किये। यहां पर धर्मसभा के दौरान ही सम्पूर्ण समाजजनों ने महात्मा गांधी व लालबहादूर जयन्ति मनाई गई। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी आउट ऑफ डेट नहीं है, वे आज भी अप टू डेट हैं। वे कभी भी भारतवासी के दिल से नहीं निकलेंगे क्योंकि उनके प्रयासों से ही देश आजाद हुआ। हम सभी की यह धारणा है कि यदि कोई अपने एक गाल पर चांटा मार दे तो दूसरा गाल भी आगे कर देना कायरता है। जबकि ऐसा नहीं है। अहिंसा कायरों का नहीं वीरों का धर्म है। अहिंसा से अपने परिवार में, अपनी समाज में, अपने भीतर, अपने जीवन में, अपने प्रदेश में, अपने देश में और तो और पूरे विश्व में शान्ति सम्भव है।
इससे पूर्व दिनेश जैन द्वारा निर्मित 23 फिट लम्बा महात्मा गांधी जीवन परिचय, उनके गुणगान को दर्शाता हुआ कार्ड का विमोचन भंवरलाल मुण्डलिया, बसन्त थाया, लोकेन्द्र चौधरी, महामंत्री प्रमोद चौधरी आदि पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
धर्मसभा के दौरान ही सभी उपवास करने वाले तपस्वियों का समिति व ट्रस्ट की तरफ से सम्मानित भी किया। उपवास व पारणा का कार्यक्रम सफल होने पर सभी उदयपुरवासी व बाहर के अतिथियों का प्रमोद चौधरी ने आभार व्यक्त किया। चौधरी ने बताया कि चातुर्मासिक कार्यक्रमों में शहर से बाहर के श्रद्धालुओं के आने का क्रम निरन्तर बना हुआ है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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