महाराणा प्रताप : प्रथम स्वतंत्रता सेनानी

BY — October 8, 2012

देश भर में 12 अक्टूबर को रिलीज होगी
फिल्म तकनीकी दृष्टि से भी श्रेष्ठ  : कुमावत

Udaipur. और अंतत: पांच वर्षों की मेहनत परदे पर फिल्म  के रूप में आ ही गई। प्रथम स्वतंत्रता सेनानी के रूप में दर्शाये गये महाराणा प्रताप पर उदयपुर के ही शिक्षाविद डॉ. प्रदीप कुमावत द्वारा बनाई गई 12 अक्टूबर को देश भर में रिलीज होगी।

आज यहां आलोक संस्थागन में पत्रकारों से बातचीत में डॉ. कुमावत ने पांच वर्षों की फिल्म  बनाने की इस कंटीली, पथरीली यात्रा के कुछ लम्हे बांटे। उन्होंमने बताया कि किस तरह सेंसर बोर्ड के समक्ष ट्रायल के दौरान उन्हें कैसी कैसी परेशानियां आईं। उन्हें इतना डराया गया लेकिन वे अपने संकल्प से नहीं हटे और अंतत: फिल्म हर पायदान को पार कर रिलीज तक पहुंच गई।
फिल्म के तकनीकी पक्ष के बारे में कुमावत ने बताया कि फिल्म का संगीत और ध्वनि मल्टी ट्रैक 64 चैनल पर रिकॉर्ड किए गए हैं। देश में वर्तमान समय में उपलब्ध डिजिटल तकनीक के माध्यम से इसके पार्श्व संगीत को तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि फिल्म में पिक्चराइजेशन पर जितना जोर दिया गया हैं, उतना ही ध्यान ऑडियोग्राफी पर भी दिया गया है। करीब छह माह के अथक प्रयास से इसमें साउण्ड इफेक्ट को तैयार किया गया है। फिल्म के पार्श्व संगीत पर काफी मेहनत कर इसे पारम्परिक बनाने का प्रयत्न किया गया है। फिल्म का पार्श्व संगीत मुम्बई के विश्वजीत जोशी व अविनाश चन्द्रचूड़ ने दिया जबकि डीआई कलर करेक्शन का कार्य मुम्बई के विख्यात सिल्वर ड्रोप वर्क स्टेशन में किया गया है।
फिल्म में संगीत निर्देशन डॉ. प्रेम भण्डारी का है। फिल्म का एक और बेहतरीन पक्ष छायांकन का कार्य आलोक संस्थान के मनमोहन भटनागर ने किया। फिल्म के सभी गीतों की रिकॉर्डिंग मुम्बई के इन सिंक स्टुडियो व नन्दू भेंडे के स्टुडियो में की गई। पात्रों की डबिंग का कार्य कैलाश पालीवाल ने किया।
डॉ. कुमावत ने बताया कि फिल्म को तकनीकि दृष्टि से भी श्रेष्ठ बनाने का प्रयास किया गया। इस फिल्म में हॉलीवुड स्टैण्डर्ड के वीएफएक्स प्रभाव का उपयोग किया गया जो इस फिल्म में युद्ध दृश्यों के दौरान दिखाई देंगे तथा जिसका कार्य मुम्बई के ऑस्टिन बर्नार्ड ने किया तथा फिल्म के 5.1 मल्टी ट्रैक ऑडियो का कार्य मुम्बई के प्रख्यात टाइम्स एण्ड डेस्टिनी स्टुडियो ने किया। शुरूआत व अन्त में एकाध दृश्य सुपर पुलबैक इफेक्ट्स का इस्तेमाल दृश्यों में जान भरता है। उन्होंने कहा कि फिल्म 35 एमएम सिनेमास्कोप (एचडी) हाई डेफिनेशन पर बनाई गई है। यूएफओ, के सेरा सेरा, प्रसाद व पीवीआर के माध्यम से विभिन्न फोरमेट में फिल्मे पूरे देश में प्रदर्शित होगी।
फिल्म के प्रमुख पात्रों में नारायणसिंह सिसोदिया (महाराणा प्रताप), कुलदीप चतुर्वेदी (अकबर), डॉ. प्रदीप कुमावत, ममता सुखवाल, रोशन गोयल, विजयसिंह पंवार, राजेन्द्र सिंह राव, हेमन्त शर्मा, नवीन जीनगर, धरा पालीवाल, संजय सोनी, रमेश पेन्टर, हरिकिशन सियाल, प्रतीक कुमावत, प्रिया सिसोदिया, प्रमोद सनाढ्य, पुष्पा, शर्मा, भरत कुमावत, पायल कुमावत, कृष्णत वत्सल पण्ड्या आदि एवं अन्य स्थानीय कलाकारों ने प्रतिभा का परिचय दिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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